जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के पास मंगलवार देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। जयपुर-अजमेर नेशनल हाईवे (एनएच-8) पर दूदू इलाके के मौजमाबाद के पास रसोई गैस सिलेंडरों से भरे एक ट्रक को केमिकल टैंकर ने पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि देखते ही देखते दोनों वाहनों में आग लग गई और लगभग 40 से अधिक एलपीजी सिलेंडर एक के बाद एक फटने लगे।
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा रात करीब सवा दस बजे हुआ। धमाकों की आवाजें कई किलोमीटर तक सुनाई दीं और आग के गुबार 5 किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहे थे। लोग अपने घरों और ढाबों से निकलकर दूर भागने लगे। बताया जा रहा है कि विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि फटे हुए सिलेंडरों के टुकड़े 500 मीटर तक उड़ गए।
हादसे में एक व्यक्ति जिंदा जला, चार गंभीर रूप से झुलसे
पुलिस उपाधीक्षक (दूदू) दीपक खंडेलवाल ने बताया कि टक्कर लगने के बाद टैंकर के केबिन में आग लग गई, जिसमें फंसे चालक की जिंदा जलने से मौत हो गई। हादसे में चार अन्य लोग झुलस गए जिन्हें जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद मिले कंकाल को प्लास्टिक की थैली में अस्पताल लाया गया, जहां डीएनए जांच की जा रही है।
मोम की तरह पिघल गया ट्रक, धमाके से थर्रा उठा इलाका
आग लगते ही ट्रक में रखे सिलेंडर एक-एक कर फटने लगे। ट्रक पूरी तरह मोम की तरह पिघल गया और आसपास खड़े छह से सात वाहन भी आग की चपेट में आ गए। दमकल की कई गाड़ियों ने लगभग ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रशासन ने तुरंत हाइवे पर यातायात रोककर ट्रैफिक डायवर्ट किया, जिससे करीब 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
जिलाधिकारी और एचपीसीएल टीम ने संभाला मोर्चा
जयपुर के जिलाधिकारी डॉ. जितेंद्र सोनी ने बताया कि मौके पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) की विशेषज्ञ टीम भेजी गई थी, जिसने सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत बचे हुए 120 सिलेंडरों को सुरक्षित तरीके से हटाया। 42 सिलेंडर पूरी तरह फट चुके थे, जिनके अवशेष इलाके में बिखरे मिले। इलाके को पूरी तरह सैनिटाइज किया गया है।
आरटीओ जांच के दौरान हादसे की आशंका
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय आरटीओ की चेकिंग टीम हाईवे पर वाहनों को रोक रही थी। टैंकर चालक ने रुकने से बचने के लिए अचानक लेन बदली और ट्रक से जा टकराया। फिलहाल टक्कर के कारणों की जांच की जा रही है।
उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, आईजी राहुल प्रकाश, एसपी राशि डोगरा डूडी, और भाजपा विधायक कैलाश वर्मा मौके पर पहुंचे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और पीड़ितों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
पिछले साल भी हुआ था ऐसा हादसा
गौरतलब है कि दिसंबर 2024 में इसी राजमार्ग पर जयपुर के भांकरोटा के पास गैस टैंकर और ट्रक की टक्कर में 19 लोगों की मौत हुई थी। लगातार ऐसे हादसों ने सड़क सुरक्षा और औद्योगिक परिवहन के मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।








