करूर। तमिलनाडु के करूर में 27 सितंबर को हुई तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) प्रमुख विजय की राजनीतिक रैली अब एक भयानक त्रासदी के रूप में उभरी है। रैली में भगदड़ मचने से अब तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है और 67 लोग विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।
घटनास्थल का मंजर: जश्न से मातम तक
सुबह के समय जब करूर के लोग भगदड़ स्थल से गुज़रे, तो उन्होंने बिखरी चप्पलें, टूटे खंभे, पिचकी हुई पानी की बोतलें और बिखरे कागज देखे। यह दृश्य बताता था कि जश्न अचानक भयावह त्रासदी में बदल गया। स्थानीय लोग और सुबह की सैर पर निकले राहगीर इस दृश्य को देखकर स्तब्ध रह गए। पुलिस ने घटनास्थल को ‘कृपया पार न करें’ चेतावनी वाली टेप से घेर लिया।
eyewitnesses ने बताया कि भीड़ में एक साथ सैकड़ों लोग अपने पसंदीदा नेता की झलक पाने की कोशिश कर रहे थे। धक्का-मुक्की के कारण कई लोग सड़क किनारे नाले में और फूस की छतों पर गिर गए, जिससे भारी संख्या में घायल हुए। पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज भी किया।

प्रशासनिक और सरकारी प्रतिक्रिया
उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने अपनी विदेश यात्रा बीच में छोड़कर घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि दी और घायलों से मुलाकात की। उदयनिधि ने कहा कि सेवानिवृत्त न्यायाधीश अरुणा जगदीशन की अध्यक्षता वाला आयोग घायलों और प्रभावित लोगों से बातचीत कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन इसके आधार पर उचित कार्रवाई करेंगे।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पड़ोसी जिलों से 345 चिकित्सक और नर्स तैनात किए गए हैं और सरकार पीड़ितों को हरसंभव मदद प्रदान कर रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और सुरक्षा पर आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री और अन्नाद्रमुक महासचिव के. पलानीस्वामी ने कहा कि यह हादसा पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा चूक का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति बाधित होने और पर्याप्त एहतियात न रखने के कारण अफरा-तफरी और भगदड़ हुई। पलानीस्वामी ने कहा कि इस त्रासदी को टाला जा सकता था।
पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा ने भी इस दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
टीवीके प्रमुख विजय का मुआवजा और शोक
टीवीके अध्यक्ष विजय ने मृतकों के परिजनों के लिए 20-20 लाख रुपये और घायलों के लिए दो-दो लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह राशि क्षतिपूर्ति के लिए पर्याप्त नहीं है, लेकिन वे दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं। विजय ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वह घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं और उनकी पार्टी के कार्यकर्ता अस्पतालों में इलाज करा रहे लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।
स्वास्थ्य स्थिति और राहत कार्य
करूर के स्वास्थ्य सचिव पी. सेंथिल कुमार ने बताया कि भगदड़ में घायल 67 लोगों में से दो की हालत गंभीर है। 26 लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। एक मरीज को मदुरै के सरकारी अस्पताल रेफर किया गया। मृतकों में 17 महिलाएं, 13 पुरुष, चार लड़के और पांच लड़कियां शामिल हैं।
डिंडीगुल के जिलाधिकारी ने कहा कि 38 शवों की शिनाख्त हो चुकी है और एक महिला की पहचान अभी की जा रही है। शवों को उनके परिजनों को सौंपा जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिवारों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये और घायलों को पचास-पचास हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
घटना के कारण और आगे की कार्रवाई
भगदड़ के कारणों पर अभी भी मतभेद हैं। कई eyewitnesses और सुरक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि भीड़ नियंत्रण की कमी, स्थल की अपर्याप्त तैयारी और प्रशासनिक सुरक्षा चूक ने इस त्रासदी को जन्म दिया। टीवीके ने भी मद्रास उच्च न्यायालय में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा प्रबंधों को कड़ा किया जाएगा और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।











