केडीएमसी महापालिका चुनाव के मद्देनजर उद्धव बाळासाहेब ठाकरे गुट में अंदरूनी विवाद उफान पर है। कल्याण के शहाड इलाके में हुई एक घटना में, इच्छुक उम्मीदवारों की मुलाकात के दौरान शाखा प्रमुख निशिकांत ढोणे और भागवत बैसाने के बीच वाद विवाद मारपीट में बदल गया।
घटना में दोनों नेता जख्मी हो गए और उन्होंने एक-दूसरे के खिलाफ तक्रार दर्ज कराने के लिए महात्मा फुले पुलिस थाना का रुख किया। पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दोनों को वैद्यकीय जांच के लिए अस्पताल भेजा। इस घटना के बाद पुलिस थाना के बाहर पार्टी के कार्यकर्ताओं की बड़ी भीड़ जमा हो गई थी।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, महापालिका चुनाव के ठीक पहले पार्टी के अंदर इस तरह का विवाद पार्टी की चुनावी तैयारियों पर असर डाल सकता है। अंदरूनी संघर्ष खुलकर सामने आने से गुटीय तनाव और विवादास्पद माहौल निर्मित हो गया है, जो उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं की रणनीति को प्रभावित कर सकता है।
इस घटना ने चुनावी माहौल को और भी संवेदनशील बना दिया है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यदि पार्टी में इस तरह का विवाद जारी रहा, तो यह न केवल स्थानीय नेतृत्व की छवि पर असर डालेगा बल्कि मतदाताओं की प्रतिक्रिया और चुनाव परिणामों पर भी असर डाल सकता है।
इस विवाद ने स्पष्ट कर दिया है कि महापालिका चुनाव के दौरान राजनीतिक गुटों के बीच संतुलन और संगठनात्मक नियंत्रण बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है।











