फरार आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन की चेतावनी
रायगढ़ में हत्या प्रकरण से गरमाया सियासी माहौल
रायगढ़ जिले में मंगेश काळोखे हत्या प्रकरण को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस हत्या को राजनीतिक वैमनस्य का परिणाम बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। इस मामले में आरोप लगाया गया है कि मंगेश काळोखे की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई और इसके पीछे राजनीतिक रंजिश मुख्य कारण है।
प्रकरण में शामिल आरोपियों को फांसी की सजा दी जाए, ऐसी मांग जोर पकड़ रही है। बताया जा रहा है कि इस मामले में आरोपी सुधाकर घारे और भरत भगत की जमानत याचिका अदालत ने पहले ही खारिज कर दी है। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा अब तक ठोस और निर्णायक कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है। इससे मृतक के परिजनों और समर्थकों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है।
इस प्रकरण को लेकर स्थानीय नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब न्यायालय ने जमानत खारिज कर दी है, तो फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी क्यों हो रही है। इससे यह संदेह पैदा हो रहा है कि कहीं न कहीं आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण तो नहीं दिया जा रहा।
इस बीच विधायक महेंद्र थोरवे ने प्रशासन को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि यदि आगामी दो दिनों के भीतर फरार आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वे तीव्र आंदोलन छेड़ेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण होगा, लेकिन यदि प्रशासन ने लापरवाही बरती तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और पुलिस प्रशासन की होगी।
मंगेश काळोखे हत्या प्रकरण अब केवल एक आपराधिक मामला न रहकर राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। जिले में तनाव का माहौल है और आने वाले दिनों में इस प्रकरण को लेकर आंदोलन तेज होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस प्रशासन पर अब जल्द से जल्द कार्रवाई कर दोषियों को कानून के कटघरे में लाने का दबाव बढ़ता जा रहा है।








