ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर पाक को भारतीय सेना का जवाब
लोकवाहिनी, संवाददाता:नई दिल्ली। भारतीय सेना ने बृहस्पतिवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि पाकिस्तान में कोई भी आतंकवादी ठिकाना सुरक्षित नहीं है और यह मिशन तो बस एक शुरुआत है। ऑपरेशन सिंदूर के एक वर्ष पूरे होने पर भारतीय वायुसेना, नौसेना और थलसेना के सैन्य अभियानों के प्रमुखों ने जयपुर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ऑपरेशन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। इस अभियान को सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने के लिए पाकिस्तान को दंडित करने के वास्ते पिछली आधी सदी में भारत का सबसे व्यापक सैन्य अभियान बताया गया।
इस ऑपरेशन के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाने वाले सेना के तत्कालीन सैन्य संचालन महानिदेशक (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर अंत नहीं था, यह तो बस एक शुरुआत है। घई ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने अपनी पुरानी रणनीतियों से हटकर नियंत्रण रेखा (एलओसी) और पाकिस्तान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार स्थित आतंकवादी ढांचों को बेहद समन्वित तरीके से निशाना बनाया। अधिकारियों के मुताबिक यह ऑपरेशन 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था।
हम आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करने के इरादे पर मजबूती से कायम : पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, सटीकता और दृढ़ संकल्प को सलाम किया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि एक साल पहले भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अद्वितीय बहादुरी का परिचय देते हुए पहलगाम में निर्दोष भारतीयों पर हमला करने वालों को करारा जवाब दिया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की आतंकवाद के खिलाफ कठोर नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के अटूट संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस अभियान ने भारतीय सेनाओं की पेशेवर क्षमता, तैयारी और आपसी समन्वय को दुनिया के सामने मजबूती से पेश किया। साथ ही यह भी दिखाया कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत के प्रयासों ने देश की सुरक्षा को और मजबूत किया है। मोदी ने कहा कि एक साल बाद भी भारत आतंकवाद और उसे समर्थन देने वाले पूरे तंत्र को खत्म करने के अपने संकल्प पर पूरी मजबूती से कायम है।








