कोलकाता। पश्चिम बंगाल के उत्तर बंगाल क्षेत्र में भाजपा सांसद खगेन मुर्मू पर हुए हमले की जांच को लेकर मामला अब अदालत तक पहुंच गया है। कलकत्ता उच्च न्यायालय में गुरुवार को एक याचिका दायर कर इस मामले की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) से कराने की मांग की गई है।
यह हमला इस सप्ताह की शुरुआत में जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा क्षेत्र में हुआ था, जहां सांसद खगेन मुर्मू और भाजपा विधायक शंकर घोष बाढ़ एवं भूस्खलन प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे थे। इसी दौरान कथित रूप से भीड़ ने उन पर हमला कर दिया, जिसमें दोनों नेता घायल हो गए थे।
याचिका पर न्यायमूर्ति कौशिक चंदा की पीठ ने सुनवाई के लिए सहमति दे दी है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अनिंद्य सुंदर दास ने बताया कि इस मामले की सुनवाई 14 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।
वहीं, याचिकाकर्ता के एक अन्य वकील सायन चट्टोपाध्याय ने अदालत से आग्रह किया है कि चूंकि सांसद खगेन मुर्मू अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय से आते हैं, इसलिए इस प्रकरण में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया जाए।
ज्ञात हो कि पिछले सप्ताहांत उत्तर बंगाल में हुई मूसलाधार बारिश और भूस्खलन से दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार जिले बुरी तरह प्रभावित हुए थे। सांसद मुर्मू और विधायक घोष इसी आपदा प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे थे, जहां उन पर हमला हुआ।
स्थानीय प्रशासन ने हमले की घटना की पुष्टि की है, हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि यह हमला “राजनीतिक रूप से प्रेरित” था, जबकि राज्य पुलिस इसे “स्थानीय स्तर की अफरातफरी” बता रही है।
सुनवाई के दौरान अदालत यह तय करेगी कि क्या इस प्रकरण को एनआईए जैसे केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपा जाए या नहीं।










