नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को निशाने पर लेते हुए कहा कि देश में कानून-व्यवस्था से जुड़ी ज्यादातर गड़बड़ियों के लिए यह संगठन जिम्मेदार है, इसलिए इस पर दोबारा प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
खरगे ने स्पष्ट किया कि यह उनका “व्यक्तिगत मत” है, लेकिन उन्होंने कहा कि देश की एकता और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा के लिए ऐसे संगठनों पर लगाम जरूरी है।
“पटेल ने भी संघ को बैन किया था” — खरगे ने दी ऐतिहासिक मिसाल
खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि “सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप की रक्षा के लिए संघ को प्रतिबंधित किया था।”
उन्होंने कहा कि आज भाजपा उन्हीं पटेल की विरासत का राजनीतिक उपयोग कर रही है, जिनकी विचारधारा आरएसएस के बिल्कुल विपरीत थी।
उन्होंने कहा, “आप (भाजपा) हर चीज के लिए कांग्रेस को दोष देते हैं, तो अपनी करतूत भी देख लीजिए। सच को जितना मिटाने की कोशिश कर लो, वह नहीं मिटेगा।”
नेहरू- पटेल विवाद पर भाजपा को घेरा
खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान पर भी पलटवार किया जिसमें उन्होंने कहा था कि पटेल पूरे कश्मीर को भारत में मिलाना चाहते थे, लेकिन नेहरू ने ऐसा नहीं होने दिया।
इस पर खरगे ने कहा, “भाजपा और प्रधानमंत्री हमेशा यह दिखाने की कोशिश करते हैं कि नेहरू और पटेल के बीच मतभेद थे, जबकि यह पूरी तरह गलत है। दोनों के बीच बेहद मजबूत संबंध थे। पटेल ने नेहरू को जनता का असली नेता बताया था।”
उन्होंने तंज कसा —
“भाजपा को कहना चाहता हूं कि दही में कंकड़ मत ढूंढो। इतिहास सबको मालूम है। नेहरू ने ही सबसे पहले गुजरात में पटेल की प्रतिमा का अनावरण किया था और सरदार सरोवर बांध की नींव रखी थी।”
मोदी ने पटेल को याद करते हुए साधा था नेहरू पर निशाना
प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के एकता नगर में ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ पर आयोजित समारोह में कहा था कि सरदार पटेल चाहते थे कि कश्मीर का पूरा हिस्सा भारत में शामिल हो, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू की नीतियों के कारण ऐसा नहीं हो सका।
मोदी ने कहा था कि कांग्रेस की इसी गलती का खामियाजा देश को दशकों तक भुगतना पड़ा।
राजनीतिक गर्मी बढ़ी
खरगे के इस बयान से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। भाजपा ने कांग्रेस पर देशविरोधी मानसिकता का आरोप लगाया, वहीं कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि खरगे ने देश की धर्मनिरपेक्ष आत्मा की आवाज उठाई है।









