मेडिकल जांच के नाम पर आरोपी को छोड़ने का आरोप
चार्जशीट में उसी आरोपी को दिखाया गया ‘फरार’
विधायक विकास ठाकरे ने सदन में उठाया गंभीर सवाल
एक साल बाद भी कार्रवाई नहीं, सरकार पर विफलता का आरोप
मुंबई:अर्थसंकल्पीय अधिवेशन के चौथे दिन विधानसभा में एक गंभीर मामला फिर से गूंजा। पश्चिम नागपुर के विधायक विकास ठाकरे ने नागपुर में एक आरोपी को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाकर कथित रूप से छोड़ देने और बाद में उसी आरोपी को चार्जशीट में ‘फरार’ दिखाने के मुद्दे को सदन में उठाया।
विधायक ने बताया कि आरोपी को नागपुर के सरकारी अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया था, लेकिन उसे वहीं से छोड़ दिया गया। इसके बाद जब पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की, तो उसी आरोपी को ‘फरार’ घोषित कर दिया गया। यह मामला लगभग एक वर्ष पहले भी विधानसभा में उठाया गया था, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विकास ठाकरे ने सरकार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में इस तरह की अनियमितता होगी, तो आम जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
सदन में इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने भी सरकार को घेरने का प्रयास किया। विधायक ने स्पष्ट कहा कि एक साल बीत जाने के बाद भी कार्रवाई न होना सरकार की विफलता को दर्शाता है। अब देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है या नहीं। यह मुद्दा कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।









