नागपुर। नागपुर और विदर्भ के औद्योगिक, खनन और पर्यटन क्षेत्रों में वृद्धि के साथ, डॉ. बाबासाहब अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (नागपुर) पर यात्रियों की संख्या में पिछले वर्ष लगभग ढाई लाख की वृद्धि हुई है। यात्रियों की संख्या में निरंतर वृद्धि को शहर के आर्थिक और आधारभूत संरचनात्मक (Infrastructural) विकास का सूचक माना जा रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से नवंबर 2025 के बीच नागपुर हवाई अड्डे से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के कुल 26.85 लाख यात्रियों ने यात्रा की। 2024 में इसी अवधि के दौरान यह संख्या 25.12 लाख थी। इसका मतलब है कि पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 1.73 लाख यात्रियों की वृद्धि हुई है।
2023 में नागपुर हवाई अड्डे से 26.47 लाख यात्रियों ने यात्रा की थी। हालाँकि, 2024 में यात्रियों की संख्या में लगभग 1.35 लाख की कमी आई। इसके बाद, 2025 में यात्रियों की संख्या में एक बार फिर वृद्धि देखी गई। वर्तमान में, औसतन प्रतिदिन 9 हजार से अधिक यात्री हवाई अड्डे से आते-जाते हैं और यहाँ से लगभग 60 उड़ानें संचालित होती हैं।
वृद्धि के मुख्य कारण
अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की संख्या में वृद्धि वाणिज्यिक विकास, पर्यटन और राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण हुई है। देश के मध्य भाग में नागपुर की भौगोलिक स्थिति हवाई यातायात के लिहाज से महत्वपूर्ण होती जा रही है।
वर्तमान में, नागपुर से दिल्ली, मुंबई, पुणे, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद, कोलकाता, इंदौर, गोवा और किशनगढ़ जैसे प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ान उपलब्ध है। शारजाह और दोहा के लिए भी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें हैं। सबसे अधिक उड़ानें दिल्ली, मुंबई, पुणे और बेंगलुरु मार्गों पर हैं। नवंबर महीने में 2.8 लाख से अधिक यात्री दर्ज किए गए।
भविष्य की संभावनाएं
अधिकारियों का मानना है कि इस उछाल का कारण व्यावसायिक यात्रा, पर्यटन और राजनीतिक गतिविधियों में वृद्धि है। नागपुर की केंद्रीय स्थिति इसे एक प्रमुख विमानन केंद्र (Aviation Hub) के रूप में स्थापित करती है। हालाँकि, हवाई अड्डे के विस्तार में देरी और कुछ मार्गों पर सीमित सीधी कनेक्टिविटी चिंता का विषय बनी हुई है। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अधिक पॉइंट-टू-पॉइंट उड़ानें शुरू की जाती हैं, तो यात्रियों की संख्या में और तेजी से वृद्धि हो सकती है।












