एकता नगर। गुजरात के एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड इस बार केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि देश की विविधता में एकता का जीवंत प्रतीक बन गया है। इस परेड ने यह साबित कर दिया कि भाषा, संस्कृति, भोजन और परंपराओं में भले ही विविधता हो, लेकिन भारत की आत्मा एक है।
इस परेड में देश के कोने-कोने से आए हजारों पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों के जवान शामिल हैं। सभी ने पिछले एक महीने से गुजरात के केवडिया में एक साथ रहकर न केवल परेड की तैयारी की, बल्कि एक-दूसरे की संस्कृति, भाषा और जीवनशैली को भी करीब से जाना। एक साथ भोजन करना, अभ्यास करना और शाम को बातचीत के पलों में हंसी-मजाक साझा करना, इन जवानों के लिए यादगार अनुभव बन गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को इस परेड में शामिल होंगे। इस आयोजन की तैयारियां पिछले कई सप्ताहों से जारी हैं। जवानों ने परेड ग्राउंड पर कठिन अभ्यास के साथ-साथ आपसी समन्वय और अनुशासन का शानदार प्रदर्शन किया है। यह आयोजन देश की एकता और अखंडता का प्रतीक है, जो सरदार पटेल की उस विचारधारा को जीवित रखता है जिसमें उन्होंने 562 रियासतों को एक भारत में जोड़ा था।
राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की टुकड़ियों के अलावा असम, त्रिपुरा, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, केरल और आंध्र प्रदेश के पुलिसकर्मी भी भाग ले रहे हैं। इसके साथ ही राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) की एक टुकड़ी भी परेड में शामिल होगी, जो युवाओं में देशभक्ति की भावना को और मजबूत बनाएगी।
गुजरात कैडर की आईपीएस अधिकारी सुमन नाला ने कहा कि इस आयोजन ने सभी को एक-दूसरे के साथ घुलने-मिलने और दोस्ती करने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों से आए जवानों के बीच बनी यह मित्रता लंबे समय तक बनी रहेगी। आंध्र प्रदेश पुलिस की अधिकारी श्रीवेद आनंद ने बताया कि वे न केवल परेड में साथ हैं, बल्कि एक-दूसरे की भाषा, संस्कृति और खानपान को भी समझने की कोशिश कर रहे हैं।
हर टीम अपने साथ अपने राज्य का रसोइया लेकर आई है, जिससे जवानों को देशभर के विविध व्यंजनों का स्वाद लेने का मौका मिल रहा है। कहीं केरल का इडली-सांभर है तो कहीं पंजाब की मक्के की रोटी और सरसों का साग। जम्मू-कश्मीर पुलिस की अधिकारी फरहाना बेग ने कहा कि यह अनुभव उनके जीवन का अमूल्य हिस्सा रहेगा। उन्होंने कहा, “हम यहां से न सिर्फ यादें बल्कि जीवनभर की दोस्ती लेकर जा रहे हैं।”
‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ स्थल पर आयोजित यह परेड सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि है। भारत के लौह पुरुष कहे जाने वाले सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के बाद देश की 562 रियासतों को भारतीय संघ में मिलाकर जो ऐतिहासिक कार्य किया था, उसी एकता के भाव को आज केवडिया की धरती पर फिर से जीवंत किया जा रहा है। उनका जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नाडियाड में हुआ था, और आज भी उनकी प्रेरणा हर भारतीय के हृदय में एकता का संदेश देती है।











