मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में अजीत पवार के दुखद निधन के बाद अब उनके राजनीतिक उत्तराधिकार और एनसीपी के दोनों गुटों के विलय को लेकर घमासान शुरू हो गया है। जहां शरद पवार ने दावा किया है कि 12 फरवरी को दोनों गुटों के एक होने की घोषणा होने वाली थी, वहीं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और एनसीपी (अजीत पवार) के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने इसे नकार दिया है।
वहीं देवेंद्र फडणवीस ने सुनेत्रा पवार को वित्त मंत्रालय नहीं देने के सवाल का भी जवाब दिया है। सुनेत्रा पवार ने कल डिप्टी सीएम की शपथ ली थी। उधर, सुनेत्रा पवार कल मुंबई में डिप्टी सीएम की शपथ लेने के बाद आज बारामती लौट आई हैं।
एनसीपी मर्जर (विलय) के सवाल पर देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अगर अजीत पवार ने मर्जर फाइनल कर लिया होता और तारीख तय की होती, तो एनडीए के सहयोगी होने के नाते वह हमें बताते, पर ऐसा उन्होंने कभी नहीं बताया। मर्जर करना या न करना उनकी पार्टी का विषय है, पर हमारे पास उस बारे में न कोई चर्चा थी और न ही जानकारी थी।
वहीं फडणवीस से सुनेत्रा पवार के राज्यसभा सीट से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई सीट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “अजीत पवार एनसीपी से कौन राज्यसभा जाएगा, यह उनकी पार्टी का निर्णय होगा, इसमें भाजपा का कोई रोल नहीं है।” फडणवीस ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि उनकी मौत से एक दिन पहले हम 1 घंटे तक मीटिंग कर रहे थे।
देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को मीडिया से बातचीत में शरद पवार गुट को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि चर्चा करना, न करना या विलय करना—यह सब 100 फीसदी एनसीपी पर निर्भर है। फडणवीस ने उम्मीद जताते हुए कहा कि अगर वे ऐसा करते तो जरूर मुझसे एक बार चर्चा करते। फडणवीस ने आगे कहा कि अगर अजीत पवार एनसीपी के विलय की चर्चा कर रहे थे, तो क्या वह एनडीए छोड़ने की बात कर रहे थे? क्या वह सरकार छोड़ने वाले थे? फडणवीस ने कहा कि वह सरकार में साफ तौर पर स्थायी थे।
इसलिए, हर दिन कुछ कन्फ्यूजन पैदा करना और इसे मजबूत करने के लिए हमारे इकोसिस्टम का इस्तेमाल करना गलत है। फडणवीस ने कहा कि वर्तमान हालात ऐसे हैं कि ऐसे में मैं राजनीति नहीं करना चाहता, नहीं तो मैं भी काफी कुछ बता सकता हूँ। फडणवीस ने अजीत पवार की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि क्या हुआ, क्या हो रहा है? मैं बहुत कुछ देख रहा हूँ। अजीत दादा से मेरे रिश्ते अच्छे थे। वह मुझसे लगभग हर बात शेयर करते थे। उनकी दुर्भाग्यपूर्ण मौत से एक दिन पहले हम 1 घंटे तक मीटिंग कर रहे थे।
इसलिए इस बारे में लो-लेवल पॉलिटिक्स (निम्न स्तर की राजनीति) करना ठीक नहीं है। उनकी पार्टी ने फैसला लिया है। आज दो अलग-अलग पार्टियां हैं—शरद पवार की पार्टी और अजीत पवार की पार्टी। अब अजीत पवार की पार्टी ने फैसला किया है कि सुनेत्रा पवार लीड करेंगी। शपथ ग्रहण समारोह सुनेत्रा पवार से चर्चा के बाद हुआ था। इसलिए उन्होंने साफ किया कि यह फैसला पूरी तरह से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का है।












