लोकवाहिनी, संवाददाता:मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज ठाकरे ने शिवसेना के नेता और राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात पर चल रही सियासत पर आलोचना करने वालों को घेरा। पत्रकारों से बात करते हुए ठाकरे ने कहा कि हर बार किसी दो नेताओं की मुलाकात में राजनीति क्यों खोजी जाती है? अब चुनाव समाप्त हो चुके हैं। अगर हमें कुछ अच्छे और सकारात्मक काम करने हैं, तो क्या हमें एक-दूसरे से नहीं मिलना चाहिए? मैं कल मुख्यमंत्री से मिल सकता हूँ। राज्य के कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, उसी सिलसिले में मुलाकात होगी। अगर आप वहां होते, तो मैं आपसे भी ये बातें करता।
उन्होंने कहा कि डेवलपमेंट का मतलब सिर्फ सड़कें बनाना नहीं है। जगह वही है, सड़कें वही हैं, लेकिन आबादी बढ़ गई है। गाड़ियों की संख्या बहुत बढ़ चुकी है। पार्किंग में गाड़ियां खड़ी करने के बजाय सड़कों पर खड़ी कर दी जाती हैं। इमारतों में पार्किंग की व्यवस्था होने के बावजूद गाड़ियां सड़क पर खड़ी रहती हैं। यह हर शहर की समस्या बन चुकी है।
मनसे चीफ ने कहा कि शहरों में आने वाले लोग वापस नहीं जाते। इस बारे में मैंने भूषण गगरानी (BMC कमिश्नर) को फोन कर जानकारी दी है। ओला-उबर जैसी सेवाओं में भी पार्किंग को लेकर कोई अनुशासन नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि जब तक जुर्माना सख्ती से नहीं वसूला जाएगा, तब तक शहरों में अनुशासन नहीं आएगा। पूरी व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई है। हालात ऐसे हैं कि जैसे बाड़ ही खेत को खा रही हो। हमारे ही लोग कागजात उपलब्ध कराते हैं, उन पर कार्रवाई कब होगी?
ठाकरे ने कहा कि क्या हम यह तय करेंगे या नहीं कि किसी शहर में कितने लोग आ सकते हैं और रह सकते हैं? हमारे शहर बर्बाद हो रहे हैं। एक राज्य के नागरिक और विपक्ष के रूप में मेरी जिम्मेदारी है कि मैं इन मुद्दों पर बोलूं। पहले चुनाव के बाद नेता एक-दूसरे से मिलते थे और बातचीत करते थे। अब ऐसा नहीं चलेगा। केवल दूरी बनाकर रखने से कोई फायदा नहीं होगा।








