जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) कमांडो द्वारा तलवार से किए गए हमले में घायल हरलाल के दाहिने हाथ को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जोधपुर में जटिल सर्जरी के बाद सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया।
एम्स के शीर्ष सर्जन प्रकाश चंद्र काला ने बताया कि जब हरलाल अस्पताल लाए गए, उनका दाहिना हाथ लगभग पूरी तरह कट चुका था और केवल त्वचा की एक पतली परत से लटका हुआ था। बाएं हाथ में भी हड्डियों, नसों और रक्त वाहिकाओं को गंभीर चोटें आई थीं।
जटिल सर्जरी और तकनीकी चुनौती
हरलाल को पहले स्थिर किया गया और फिर 10 घंटे से अधिक समय लेने वाली जटिल सर्जरी के लिए तैयार किया गया। सर्जरी के दौरान बारीक रक्त वाहिकाओं को जोड़ा गया, हड्डियों और अन्य संरचनाओं की बहाली की गई। सर्जरी न केवल तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण थी, बल्कि इसके लिए उच्चतम कुशलता की भी आवश्यकता थी।
सर्जन ने बताया कि ऑपरेशन को 10 दिन हो चुके हैं और अब हरलाल के दाहिने हाथ की उंगलियों में रक्त संचार सामान्य है। हड्डी के उपचार और फिजियोथेरेपी के बाद, अगले 3-4 सप्ताह में वह ऑपरेशन किए गए हाथ से सामान्य गतिविधियां कर पाएंगे।
हमले की पृष्ठभूमि
घटना 17 सितंबर को बाड़मेर के सदर थाना क्षेत्र में हुई थी, जब एनएसजी कमांडो चंपालाल और उसके साथियों ने शराब व्यापारी और उसके दो साथियों पर धारदार हथियारों से हमला किया। हमले में शराब व्यापारी की मौत हो गई, जबकि हरलाल का हाथ लगभग कट गया था। हमले का मकसद अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है।
एम्स सर्जरी की सफलता ने चिकित्सा जगत में एक उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है और घायल हरलाल की तेजी से रिकवरी की उम्मीद जताई जा रही है।







