पटना। बिहार में जन सुराज पार्टी ने बुधवार को राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान को ज्ञापन सौंपकर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पद से हटाने की मांग की है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती और किशोर कुमार मुन्ना के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन का दौरा किया, लेकिन राज्यपाल स्वयं नहीं मिले। उनके प्रधान सचिव ने ज्ञापन प्राप्त किया।
सम्राट चौधरी पर गंभीर आरोप
जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने पहले आरोप लगाया था कि 1995 में दर्ज हत्या के मुकदमे से बचने के लिए सम्राट चौधरी ने अदालत में नाबालिग होने का दस्तावेज दाखिल किया, जबकि 2020 में उनके शपथ पत्र से यह दावा झूठा साबित होता है।
उदय सिंह ने कहा, “हत्याकांड के समय सम्राट चौधरी की उम्र लगभग 20-25 साल थी। उन्हें गिरफ्तार कर पुनः मुकदमा चलाया जाना चाहिए और जब तक अदालत से बरी नहीं होते, जेल में रहना चाहिए।”
किशोर ने कहा कि तारापुर में 1995 में छह लोगों की हत्या हुई थी, जो कुशवाहा जाति के थे और सम्राट चौधरी इस मामले के अभियुक्त हैं। उन्होंने दावा किया कि सम्राट ने अदालत में अपने एडमिट कार्ड और हलफनामे में जन्मतिथि और नाम के माध्यम से नाबालिग होने का झूठा दावा किया था।
राजनीतिक और कानूनी कार्रवाई की अपील
उदय सिंह ने कहा कि नीतीश सरकार से कोई उम्मीद नहीं है और यदि राज्यपाल या प्रधानमंत्री द्वारा कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो पार्टी अंतिम विकल्प के रूप में अदालत का दरवाजा खटखटाएगी।
उन्होंने कहा, “सम्राट चौधरी का पद पर बने रहना संविधान का मजाक है। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र भेज चुके हैं, जो सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी का समर्थक हैं।”
जन सुराज पार्टी के नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य संवैधानिक और न्यायिक प्रक्रिया के तहत दोषियों को सजा दिलाना है। पार्टी ने राज्यपाल से अपील की कि वे इस मामले में उचित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
राजनीतिक हलचल और विवाद
प्रशांत किशोर द्वारा लगाए गए आरोपों ने बिहार की राजनीतिक हलचल को बढ़ा दिया है। पार्टी ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि सम्राट चौधरी की बर्खास्तगी और कानूनी कार्रवाई जरूरी है ताकि न्याय और कानून की मर्यादा बनी रहे।











