नई दिल्ली| राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने पंजाब में एक पुलिस थाने पर प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन द्वारा किए गए आतंकवादी हमले में संलिप्तता के आरोप में 11 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने शनिवार को इसकी जानकारी दी।
एनआईए के आधिकारिक बयान के अनुसार, पंजाब के मोहाली स्थित विशेष एनआईए अदालत में दायर आरोपपत्र में आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (IPC), गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत विभिन्न आरोप लगाए गए हैं। सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं, जबकि इस मामले में पहचाने गए 11 अन्य आरोपी अब भी फरार हैं।
इस हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के विदेशी आकाओं हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पासिया, मन्नू अगवान और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी नवशेरियन ने सार्वजनिक रूप से ली थी। यह हमला 6 अप्रैल की देर रात बटाला जिले के किला लाल सिंह पुलिस थाने पर रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) से किया गया था। एनआईए की जांच में पता चला कि इसमें विदेशी आतंकवादियों का सक्रिय सहयोग था और इसका उद्देश्य भारत विरोधी समूहों के एजेंडे को बढ़ावा देना था।
एनआईए ने बताया कि आतंकवादी समूह ने पंजाब के कमजोर युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया। जांच एजेंसी ने कहा कि एनआईए इस हमले में शामिल फरार और अन्य अज्ञात षड्यंत्रकारियों को पकड़ने के लिए मामले की जांच लगातार जारी रखे हुए है।
जांच से यह भी सामने आया कि यह साजिश विदेशी आतंकवादियों द्वारा निर्देशित थी, जिन्होंने परिवारिक संबंधों और अन्य कमजोरियों का फायदा उठाकर स्थानीय युवाओं को हिंसक गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश की। एनआईए का कहना है कि आतंक फैलाने और भारत विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाने वाले इस हमले में सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।








