देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कहा कि राज्य में अब तक 9000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि अतिक्रमणकारियों के कब्जे से मुक्त कराई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में “लैंड जिहाद” के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है और अब कोई भी व्यक्ति “किसी भी रंग की चादर डालकर सरकारी जमीन पर कब्जा नहीं कर सकेगा।”
मुख्यमंत्री धामी हरिद्वार जिले के रुड़की में नवनिर्मित भाजपा कार्यालय के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की “जनसांख्यिकीय संरचना और सांस्कृतिक पहचान” के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होने दी जाएगी — यह केवल उनका नहीं बल्कि देवभूमि के हर नागरिक का संकल्प है।
धामी ने बताया कि उनकी सरकार ने अब तक 250 अवैध मदरसों को सील किया है और 500 से अधिक अवैध संरचनाओं को हटाया गया है। उन्होंने कहा कि “यह अभियान अभी जारी है और किसी को भी धर्म या चादर के नाम पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानून लागू किए हैं। ‘लव जिहाद’, ‘लैंड जिहाद’, और ‘थूक जिहाद’ जैसी विकृत मानसिकताओं के खिलाफ हमारी कार्रवाई बिना भेदभाव जारी रहेगी।”
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने हाल ही में अल्पसंख्यक शिक्षा कानून पारित किया है, जिसके तहत राज्य में चल रहे मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। यह कानून लागू होने के बाद 1 जुलाई 2026 से सभी मदरसों में उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड का पाठ्यक्रम लागू होगा।
धामी ने आगे कहा कि सरकार द्वारा शुरू किया गया “ऑपरेशन कालनेमि” सनातन धर्म को बदनाम करने वाले छद्मवेशी तत्वों के खिलाफ चलाया जा रहा है, ताकि “देवभूमि की आस्था पर किसी भी प्रकार का प्रहार” न हो सके।
समान नागरिक संहिता (UCC) का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि, “UCC किसी समुदाय को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि सभी नागरिकों की समानता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उत्तराखंड सरकार का संकल्प है कि राज्य की पवित्र भूमि पर न तो अवैध कब्जे होंगे और न ही जनसांख्यिकी में किसी प्रकार का परिवर्तन होने दिया जाएगा।








