लखनऊ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को लखनऊ में कहा कि किसी ने यह सोचा भी नहीं था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) 100 साल के भीतर दुनिया का सबसे बड़ा संगठन बन जाएगा। भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, “आरएसएस की स्थापना लगभग एक सौ साल पहले एक छोटे कमरे में हुई थी, तब उसमें केवल पांच-सात लोग शामिल थे। किसी ने यह अंदाजा भी नहीं लगाया था कि आज यह विश्व का सबसे बड़ा संगठन बन जाएगा।”
सिंह ने भाजपा के वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनने को ईश्वरीय आशीर्वाद बताया। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय “कई लोगों के ऋषियों और तपस्वियों जैसी जीवनशैली अपनाने” को दिया।
देश की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “2014 में भारत 11वें स्थान पर था, लेकिन प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज हम चौथे स्थान पर हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले दो-तीन वर्षों में हम तीसरे स्थान पर पहुंच जाएंगे।”
लखनऊ से लोकसभा सदस्य सिंह ने कार्यकर्ताओं से नियमित संपर्क बनाए रखने का महत्व बताया और कहा, “मैं भी आपकी तरह एक कार्यकर्ता हूं। हर संगठन की एक प्रणाली होती है और हर किसी की जिम्मेदारियां अलग-अलग होती हैं। हर कोई अपने तरीके से नंबर एक बन सकता है।”
उन्होंने जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नेताओं से अपील की कि वे कार्यकर्ताओं के प्रति सहानुभूति रखें और कठिन समय में उनका समर्थन करें। सिंह ने कहा, “लोगों के जीवन में शांति और खुशी लाना हमारा कर्तव्य है। जब मैं किसी के दुख या निधन के बारे में सुनता हूं, तो अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। आप सभी भी ऐसा करें; दुख की घड़ी में उनके घर में मौजूद रहें।”
कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत की और स्थानीय व्यंजनों का आनंद लिया। कार्यकर्ता उन्हें अपने बीच पाकर उत्साहित थे और उनके साथ सेल्फी लेते हुए नजर आए। सिंह ने दिवाली की शुभकामनाएं भी दीं और कहा, “दीपावली के उमंग और उत्साह को देखकर मैं भी अति उत्साहित हूं।”
एक अन्य कार्यक्रम में, सिंह ने दिवंगत गजेंद्र दत्त नैथानी मेमोरियल दीनबंधु नेत्र चिकित्सालय के शिलान्यास समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि समाज में समर्पित सेवा केवल उदार मानसिकता वाले व्यक्तियों द्वारा ही संभव है, न कि संकीर्ण मानसिकता वाले लोगों द्वारा।









