जलगाँव: मुक्ताईनगर में आयोजित प्रचारसभा में केंद्रीय राज्यमंत्री रक्षा खडसे भावुक हो गईं। रक्षा खडसे ने कहा कि उनका राजनीति से पहले कोई संबंध नहीं था, लेकिन परिस्थितियों के कारण उन्हें राजनीति में कदम रखना पड़ा।
स्वर्गीय निखिल खडसे के आकस्मिक निधन के बाद उन पर जनता के सामने उभरकर ये जिम्मेदारी निभाने की आवश्यकता निर्माण हुई। रक्षा खडसे ने बताया कि निखिल खडसे के चले जाने के बाद उन्हें जनमानस के समक्ष आना पड़ा, परंतु मतदाताओं ने जो आशीर्वाद दिया, वही उनका सबसे बड़ा बल बना।
उनके भावुक वक्तव्य पर सभा में उपस्थित लोगों ने जोरदार प्रतिसाद दिया। घोषणाबाजी, तालियों और उत्साह से वातावरण भावनात्मक और ऊर्जावान बन गया। उनके मनोगत शब्दों ने हर व्यक्ति के मन पर छाप छोड़ी .












