नागपुर जिले के रामटेक तहसील अंतर्गत सोनेघाट ग्राम पंचायत में अतिक्रमण के एक गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। इस प्रकरण में दो ग्राम पंचायत सदस्यों की सदस्यता रद्द कर दी गई है, जिससे स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, सोनेघाट ग्राम पंचायत के सदस्य जितेंद्र वालोकर और ममता सरोते पर वन विभाग की जमीन पर अतिक्रमण करने का आरोप था। इस मामले की शिकायत उपसरपंच आम्रपाली भिवगड़े द्वारा 8 मई 2024 को जिला प्रशासन के समक्ष दर्ज कराई गई थी।
शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। नागपुर जिला कलेक्टर कार्यालय के निर्देश पर तहसीलदार और खंड विकास अधिकारी, रामटेक द्वारा मौके का निरीक्षण किया गया। जांच रिपोर्ट में अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद संबंधित कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
जांच में पाया गया कि दोनों सदस्य महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम की धारा 14(1)(ज-3) के तहत दोषी हैं। इसके आधार पर अप्पर जिलाधिकारी प्रवीण महिरे ने 6 अप्रैल 2026 को आदेश जारी करते हुए दोनों की सदस्यता रद्द करने का निर्णय लिया। इस कार्रवाई के बाद सोनेघाट ग्राम पंचायत में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। स्थानीय स्तर पर इस फैसले को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है, वहीं प्रशासन की सख्त कार्रवाई को लेकर कई लोग इसे एक उदाहरण के रूप में देख रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि सरकारी या वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।







