जनवरी 2026 में सड़क दुर्घटना मृत्युएं 8% कम हुईं
ब्लैक स्पॉट सुधार और जिला स्तर पर सड़क सुरक्षा कक्षों की स्थापना
PM राहत योजना से अपघातग्रस्तों को कैशलेस इलाज और पुरस्कार की सुविधा
2030 तक दुर्घटनाओं की संख्या आधी करने का लक्ष्य पूरी गति से जारी
राज्य में सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग द्वारा चलाई जा रही लगातार उपायों का सकारात्मक प्रभाव दिख रहा है। जनवरी 2026 में दुर्घटना मृत्यु में 8.05% की कमी दर्ज की गई। जनवरी 2025 में राज्य में 1,427 दुर्घटना मृत्युएं हुई थीं, जबकि जनवरी 2026 में यह संख्या 1,312 पर आ गई। यानी कुल 115 मौतों में कमी आई है। इसी तरह, दुर्घटनाओं की कुल संख्या 3,164 से घटकर 3,100 हो गई, जो 2% की गिरावट दर्शाती है।
राज्य सरकार ने 2030 तक दुर्घटनाओं की संख्या को आधा करने का लक्ष्य रखा है। इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए परिवहन विभाग ने कई उपाय किए हैं। राज्य और जिल्हास्तर पर सड़क सुरक्षा कक्ष स्थापित किए गए हैं और प्रत्येक जिले के लिए अलग सड़क सुरक्षा आराखड़ा तैयार कर इसकी अमल में निरंतर निगरानी की जा रही है। अपघात-प्रवण “ब्लैक स्पॉट्स” पर विशेष सुधार कार्य किए जा रहे हैं।
साथ ही केंद्र सरकार की #पीएमराहत योजना राज्य में लागू की गई है। इसके तहत अपघातग्रस्तों को “गोल्डन अवर” में त्वरित उपचार उपलब्ध कराए जाते हैं। पात्र मरीजों को सात दिन तक और 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। दुर्घटना के समय 112 नंबर पर कॉल कर एंबुलेंस और नजदीकी अस्पताल की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। अपघातग्रस्तों की मदद करने वाले “जीवनदूत” व्यक्तियों को 25,000 रुपये का पुरस्कार भी दिया जाएगा।
परिवहन विभाग के अपर आयुक्त भरत कलसकर के अनुसार, तकनीकी उपायों, सख्त कार्रवाई और जनजागरूकता अभियानों से राज्य में दुर्घटनाओं और मृत्यु दर में कमी लाई जा रही है। राज्य 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं को आधा करने के अपने लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।









