वर्ली और कल्याण में बगावती उम्मीदवारों पर दबाव का मामला
मनसे-शिवसेना संयुक्त मुलाकात पर चर्चा जारी – संजय राऊत
राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राऊत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजित पवार, भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संजय राऊत ने दावा किया कि मौजूदा चुनाव प्रक्रिया में पैसे और दबाव का खुला खेल चल रहा है, जिसके चलते कई उम्मीदवारों को जबरन नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
प्रेस वार्ता के दौरान संजय राऊत ने भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा आज एक “वॉशिंग मशीन” बन चुकी है, जबकि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह “वॉशिंग पाउडर” की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में शामिल होते ही कई नेताओं के पुराने भ्रष्टाचार के आरोप धुल जाते हैं।
संजय राऊत ने बिनविरोध चुनावों को लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव का मतलब जनता को विकल्प देना होता है, लेकिन जब उम्मीदवारों को डर, दबाव और धनबल के जरिए मैदान से हटाया जाता है, तो यह सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है।
उन्होंने चुनाव आयोग पर भी तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि आयोग निष्पक्ष संस्था न रहकर सरकार का “नोकर” बन गया है। राऊत के अनुसार, चुनाव आयोग की निष्क्रियता के कारण ही इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं।
इसके अलावा संजय राऊत ने वर्ली और कल्याण में बगावती उम्मीदवारों के मुद्दे, मनसे और शिवसेना के बीच हुई संयुक्त मुलाकात और राज्य में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पर राजनीतिक दबाव साफ नजर आ रहा है।
अंत में संजय राऊत ने चेतावनी दी कि अगर लोकतंत्र में पैसों की राजनीति और दबाव का यही हाल रहा, तो आने वाले समय में आम जनता का चुनावी व्यवस्था से भरोसा उठ जाएगा।









