जयदीप कवाडे को मातृशोक, राजनीतिक जगत में शोक की लहर
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक आंदोलनों में सक्रिय भूमिका
नागपुर:आंबेडकरवादी आंदोलन की वरिष्ठ मार्गदर्शक प्रोफेसर रंजनाताई कवाडे का आज तड़के नागपुर में निधन हो गया। वे 77 वर्ष की थीं और पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थीं। शनिवार, 21 फरवरी 2026 को सुबह 4 बजकर 10 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।
प्रो. रंजनाताई कवाडे, पीपल्स रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद प्रा. जोगेंद्र कवाडे की पत्नी थीं। वे पीपल्स रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष तथा महाराष्ट्र लघुउद्योग विकास महामंडल के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) जयदीप कवाडे की माता थीं।
शांत, संयमी और दृढ़ व्यक्तित्व की धनी रंजनाताई कवाडे ने आंबेडकरवादी विचारधारा के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने रिपब्लिकन यूथ फोर्स, रमाई महिला ब्रिगेड, दलित मुक्ति सेना, राष्ट्रीय मजदूर सेना और राष्ट्रीय विद्यार्थी सेना जैसे संगठनों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के मार्गदर्शन का कार्य किया।
परिवार में उनके पुत्र जयदीप, पुत्री वैशाली, पुत्री सुजाता, बहू प्रतिमा, नातिन निरिजा, नातिन अस्मिता सहित नाती-पोते और बड़ा पारिवारिक कुनबा है।
उनकी अंतिम यात्रा आज दोपहर 4 बजकर 30 मिनट पर नागपुर के लक्ष्मीनगर स्थित निवास से मोक्षधाम घाट के लिए निकलेगी, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। रंजनाताई कवाडे का जीवन सामाजिक समर्पण, वैचारिक प्रतिबद्धता और संगठनात्मक मार्गदर्शन का प्रतीक रहा। उनके निधन को आंबेडकरवादी आंदोलन के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।








