पंजीकरण और ऑडिट रिपोर्ट न होने का दावा
वक्फ मंडल और संबंधित अधिकारियों से जांच की मांग
आर्थिक लेन-देन में पारदर्शिता पर उठे सवाल
नागपुर:नागपुर जिले के रामटेक में जामा मस्जिद ट्रस्ट को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। इमरान कय्यूम कुरैशी ने पत्रकार परिषद में आरोप लगाया कि जामा मस्जिद कमेटी ट्रस्ट बिना विधिवत पंजीकरण के मस्जिद का संचालन कर रही है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट न तो धर्मादाय आयुक्त कार्यालय में पंजीकृत है और न ही इसके सदस्यों का वैध रजिस्ट्रेशन है, बावजूद इसके संस्था के नाम पर आर्थिक लेन-देन जारी है।
कुरैशी के अनुसार, मस्जिद में डोनेशन, ज़कात, किरायेदारों से वसूला गया किराया और अन्य फंड के उपयोग में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वित्तीय लेन-देन के आधिकारिक रिकॉर्ड, ऑडिट रिपोर्ट और कानूनी दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। साथ ही मंगलवारी वार्ड स्थित मस्जिद की संपत्ति पर अतिक्रमण का भी आरोप लगाया गया है, जिसे उन्होंने कानून के खिलाफ बताया।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिला वक्फ अधिकारी, महाराष्ट्र राज्य वक्फ मंडल, हज हाउस नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर स्थित वक्फ मंडल को लिखित शिकायत दी गई है। नागपुर वक्फ बोर्ड कार्यालय के अधिकारी रेहान सर से चर्चा के बाद यह जानकारी सामने आई कि रामटेक जामा मस्जिद ट्रस्ट क्रमांक B-89N (1962) के संबंध में दस्तावेज उपलब्ध हैं, लेकिन धर्मादाय आयुक्त कार्यालय में इसकी विधिवत पुष्टी नहीं है। साथ ही चेंज रिपोर्ट और ऑडिट रिपोर्ट भी जमा नहीं की गई है।
इमरान कय्यूम कुरैशी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने समाज के लोगों से भी अपील की है कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लें और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में सहयोग करें।








