जम्मू। जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने शनिवार को कहा कि जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को गिरफ्तार करना घोर अन्याय है और लोकतंत्र के प्रति मजाक है।
पुलिस ने वांगचुक को शुक्रवार को हिरासत में लिया और उन्हें राजस्थान की जोधपुर जेल भेज दिया। इससे दो दिन पहले लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में इसे शामिल करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसमें चार लोगों की मौत और 90 अन्य घायल हो गए थे।
उपमुख्यमंत्री चौधरी ने संवाददाताओं से कहा, “वांगचुक ग्लोबल वार्मिंग और सार्वजनिक मुद्दों पर बोल रहे थे। बिना किसी गलती के उन्हें जोधपुर जेल भेजना अन्याय है। अधिकारियों को आगजनी करने वालों को गिरफ्तार करना चाहिए था। उनका क्या कसूर था?” उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बेटे भी अपने बाप की नहीं सुन रहे, तो लद्दाख के लोग उनका कैसे मानेंगे।
चौधरी ने यह भी कहा कि स्वतंत्रता सेनानी जैसे भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव और महात्मा गांधी, जिन्होंने लोकतंत्र और स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, शायद यह देखकर दुखी होंगे कि सज्जनों को फर्जी मामलों में जेल भेजा गया और उन्हें उनके परिवारों से दूर रखा गया ताकि वे एक-दूसरे से नहीं मिल सकें।
उपमुख्यमंत्री के इन बयानों ने वांगचुक की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को और गर्म कर दिया है, साथ ही लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों के मुद्दों पर भी नए सवाल खड़े किए हैं।









