अंबादास दानवे ने सरकार से की निष्पक्ष जांच की मांग
फर्जी बैंक गारंटी और अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल
छत्रपति संभाजीनगर में कृषि वाहिनी योजना को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने इस योजना में लगभग दस हजार करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि आठ दिन पहले उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष यह मुद्दा उठाया था, जिसके बाद सत्तारूढ़ दल ने उनसे प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा था। अब उन्होंने संबंधित दस्तावेज और शिकायतों की जानकारी सार्वजनिक की है।
दानवे के अनुसार पहले पाँच शिकायतों की जानकारी दी गई थी, जबकि अब कुल छह शिकायतें सामने आई हैं। इन मामलों में निर्मल नगर पुलिस थाना में प्रकरण दर्ज किए गए हैं। उनका कहना है कि संबंधित विभाग को शिकायत दर्ज करनी चाहिए थी, किंतु मामला आर्थिक अपराध शाखा के पास पहुँचा, जो कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनियों ने सरकार को भारी आर्थिक नुकसान पहुँचाया और इसमें कुछ राजनीतिक व्यक्तियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों की संलिप्तता भी हो सकती है।
उन्होंने बताया कि अधिकारी राहुल पन्हाळे के विरुद्ध शिकायत दर्ज है और कुछ अन्य लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रकरण में अब तक चार अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। दानवे का आरोप है कि बैंक गारंटी के फर्जी होने की जानकारी अधिकारियों को पहले से थी, फिर भी जमीन लेकर वित्तीय लाभ उठाया गया।
इसके अतिरिक्त नांदेड जिले में लगभग तीन हजार एकड़ भूमि मेघा इंजीनियरिंग को दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। दानवे ने कहा कि किसी भी विभाग में घोटाला होता है तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित मंत्री की होती है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराने की मांग की है। साथ ही कहा कि सरकार की ओर से अभी तक उनके आरोपों पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है और वे नोटिस का विस्तृत उत्तर भी देंगे।









