लोकवाहिनी, संवाददाता:नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र की सोमवार को हंगामेदार शुरुआत हुई। पहले दिन संसद का टेंपरेचर हाई नजर आया। लोकसभा में वोटर लिस्ट के विशेष पुनरीक्षण यानी एसआईआर के मुद्दे पर हंगामे के कारण कार्यवाही में बार-बार बाधा आई। हंगामे के बीच ही लोकसभा में तीन विधेयक पेश किए गए, जिनमें से एक पारित भी हो गया है। विपक्ष के एसआईआर और वोट चोरी पर नारेबाजी के चलते लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है। वहीं, राज्यसभा में नए सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने सभापति का आसन संभाल लिया है।
सीपी राधाकृष्णन का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता सदन जेपी नड्डा के साथ ही सभी दलों के फ्लोर लीडर्स ने स्वागत किया और शुभकामनाएं दीं। नए सभापति का स्वागत करते हुए विपक्ष के नेता खड़गे ने कहा कि आप अपने आसन से उस तरफ (ट्रेजरी बेंच की तरफ) ज्यादा न देखें, उसमें खतरा है। वहीं एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष ने लोकसभा में भी ज़ोरदार हंगामा किया। विपक्ष के हंगामे के बीच सदन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीन बिल पेश किए- मणिपुर जीएसटी (दूसरा संशोधन) विधेयक 2025, सेंट्रल एक्साइज़ (संशोधन) विधेयक और स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा सेस विधेयक। मणिपुर जीएसटी विधेयक हंगामे और नारेबाजी के बीच बिना चर्चा के पारित भी हो गया। लोकसभा ने विपक्ष के हंगामे के बीच ही दो बिल को लेकर बनी सलेक्ट कमेटी को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए एक्सटेंशन भी दे दिया है। इनसॉल्वेंसी एंड बैंकैरप्सी कोड (संशोधन) बिल 2025 पर सलेक्ट कमेटी को सदन ने चालू सत्र के अंतिम दिन तक का समय दे दिया है। वहीं,जन विश्वास बिल को लेकर बनी सलेक्ट कमेटी को सत्र के दूसरे हफ्ते के अंतिम दिन यानी 12 दिसंबर तक का समय दे दिया है।











