नागपुर। राकांपा शरद गुट में टूट की संभावना और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से जयंत पाटिल की मुलाकात को लेकर चर्चाओं पर शिवसेना उद्धव के प्रवक्ता संजय राऊत ने गलत ठहराया है। राऊत ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से विभिन्न नेताओं के इधर-उधर जाने और राजनीतिक समीकरण बदलने की चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन यह सब केवल अफवाहें हैं। उन्होंने कहा कि जयंत पाटिल राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार) के नेता हैं और महाविकास आघाड़ी के भी प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। शिवसेना, राष्ट्रवादी और कांग्रेस के बारे में जानबूझकर भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं। बुधवार को राऊत ने पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि हाल ही में जयंत पाटिल के विधानसभा क्षेत्र इस्लामपुर के एक नगरसेवक को कथित रूप से अवैध तरीके से अयोग्य घोषित किया गया है। संभव है कि इसी मुद्दे पर मुख्यमंत्री से चर्चा करने के लिए मुलाकात की गई हो।
भाजपा और शिंदे गुट के पास कोई बड़ा मुद्दा नहीं है, इसलिए इस तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं।राऊत ने कहा कि राकांपा शरद गुट और शिवसेना उद्धव की ओर से डेलिमिटेशन अर्थात निर्वाचन क्षेत्र पुनर्रचना विधेयक को समर्थन देने की जो खबरें चल रही हैं, वे पूरी तरह गलत है। राकांपा शरद गुट के संबंध में सुप्रिया सुले विस्तार से पक्ष रखेंगी। राऊत ने यह भी कहा कि पिछले विधानसभा सत्र में डेलिमिटेशन विधेयक के स्वरूप को लेकर सरकार के साथ चर्चा हुई थी, जिसमें शिवसेना उद्धव से अरविंद सावंत और राकांपा से सुप्रिया सुले भी मौजूद थे। उन्होंने विपक्षी दलों को तोड़कर बहुमत साबित करने संबंधी चर्चाओं को भी निराधार बताया।
शिवसेना नेता राऊत ने कहा कि सोनम वांगचुक के अनशन को 17 दिन हो चुके हैं और यह एक गंभीर विषय है। उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है, जो चिंता का विषय है और सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मुलाकात को लेकर राऊत ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति चोरी का माल लेकर घूम रहा है और उसे संरक्षण मिल रहा है, तो यह गंभीर मामला है।
उद्धव ठाकरे द्वारा रामरक्षा पाठ किए जाने के सवाल पर राऊत ने कहा कि वे रामरक्षा सुनाने नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर को मिले हजारों करोड़ रुपये के दान में कथित अनियमितताओं पर चर्चा होनी चाहिए। राम मंदिर के पास कार्यक्रम आयोजित किए जाने के मुद्दे पर राऊत ने कहा कि उनकी पार्टी रामरक्षा पाठ करेगी और मंदिर परिसर के आसपास सड़क पर कार्यक्रम आयोजित करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय पार्टी के अन्य सहयोगियों से चर्चा के बाद लिया जाएगा।
अंबादास दानवे करेंगे विदर्भ के पांच जिलों का दौरा
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शिवसेना नेता एवं महाराष्ट्र विधान परिषद के पूर्व नेता प्रतिपक्ष, विधायक अंबादास दानवे 16 और 17 जुलाई को विदर्भ के विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे।
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यह दौरा 18 जुलाई, शनिवार को नागपुर में शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे की प्रमुख उपस्थिति में होने वाले रामरक्षा आंदोलन तथा भव्य रामरक्षा महाआरती की तैयारियों के मद्देनजर किया जा रहा है।
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दौरे के तहत अंबादास दानवे भंडारा, गोंदिया, गढ़चिरोली, चंद्रपुर और वर्धा जिलों में पार्टी पदाधिकारियों, शिवसैनिकों और विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें लेंगे।
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इन बैठकों में आंदोलन की रूपरेखा, जिम्मेदारियों के बंटवारे और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी।
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गुरुवार, 16 जुलाई को सुबह 10 बजे भंडारा, दोपहर 1 बजे गोंदिया, शाम 5 बजे गढ़चिरोली व शुक्रवार, 17 जुलाई को सुबह 10 बजे चंद्रपुर, दोपहर 1 बजे वर्धा का दौरा करेंगे।








