गंगापुर के शंकरपुर गांव से निकलकर प्रशासनिक सेवा तक पहुंचा युवा
बिना महंगी कोचिंग के मेहनत और जिद से हासिल की बड़ी सफलता
किसान पिता के संघर्ष और बेटे की लगन ने रचा प्रेरणादायी इतिहास
छत्रपति संभाजीनगर:ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले एक किसान पुत्र ने देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली परीक्षा यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) में सफलता हासिल कर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। गंगापुर तहसील के शंकरपुर गांव के रहने वाले प्रज्वल राजू पोंल ने यूपीएससी परीक्षा में 434वीं रैंक प्राप्त कर प्रशासनिक सेवा में जगह बनाई है।
प्रज्वल की इस उपलब्धि को उनके परिवार और गांव के लिए गर्व का क्षण माना जा रहा है। यह सफलता न सिर्फ एक युवा की मेहनत का परिणाम है, बल्कि खेतों में दिन-रात मेहनत करने वाले एक किसान पिता के संघर्ष और सपनों की भी जीत है।
प्रज्वल मूल रूप से छत्रपति संभाजीनगर जिले के गंगापुर तहसील के शंकरपुर गांव के निवासी हैं। उनके पिता राजेंद्र पोंल पेशे से किसान हैं। खेती के साथ-साथ वे लासूर क्षेत्र की कृषि सेवा बाजार में एक अनुभवी व्यापारी के रूप में भी पहचाने जाते हैं। साधारण किसान परिवार में पले-बढ़े प्रज्वल ने बचपन से ही संघर्ष और मेहनत का महत्व समझा।
ग्रामीण परिवेश और सीमित संसाधनों के बावजूद प्रज्वल ने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने महंगे कोचिंग क्लासेस का सहारा लेने के बजाय अपनी लगन और आत्मविश्वास के बल पर यूपीएससी की तैयारी की।
उनके पिता राजेंद्र पोंल ने भी हर कदम पर बेटे का हौसला बढ़ाया और शिक्षा के लिए हर संभव सहयोग दिया। परिवार के समर्थन और अपनी मेहनत के दम पर प्रज्वल ने आखिरकार वह मुकाम हासिल कर लिया, जिसका सपना उन्होंने वर्षों से देखा था।
प्रज्वल की सफलता से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। गांव के लोग और परिजन उन्हें बधाई दे रहे हैं और उनका मानना है कि यह सफलता ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।








