स्क्रैप आपूर्ति प्रभावित, स्टील 3000 रुपये तक महंगा
अंतरराष्ट्रीय संकट से निर्माण सामग्री के दाम बढ़ने की आशंका
महाराष्ट्र के जालना जिले में स्थित स्टील उद्योग पर मध्यपूर्व में बढ़ते तनाव का सीधा असर दिखाई देने लगा है। ईरान, अमेरिका और इस्त्रायल के बीच बढ़ती युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण गल्फ देशों से भारत में आने वाले कच्चे माल, विशेष रूप से स्क्रैप की आपूर्ति प्रभावित हो गई है।
उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार गल्फ देशों से आयात होने वाला स्क्रैप फिलहाल काफी हद तक रुक गया है, जिसके कारण स्टील उत्पादन पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है। इसके साथ ही कोयले की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इन दोनों कारणों से स्टील के दामों में लगभग 3000 रुपये प्रति टन तक की वृद्धि दर्ज की गई है।
पिछले कुछ दिनों से जारी अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर केवल भारत ही नहीं बल्कि कई देशों के उद्योगों पर भी देखने को मिल रहा है। जालना का स्टील उद्योग भी इस स्थिति से अछूता नहीं रहा है। स्टील की कीमतों में अचानक आई बढ़ोतरी का प्रभाव निर्माण कार्यों पर भी पड़ सकता है, जिससे भवन निर्माण सामग्री महंगी होने की संभावना है।
इस संबंध में कालिका स्टील के अध्यक्ष घनश्याम गोयल ने बताया कि गल्फ देशों से स्क्रैप की आपूर्ति रुकने और कोयले के दाम बढ़ने के कारण स्टील की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। यदि अंतरराष्ट्रीय स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले समय में स्टील के दाम और बढ़ सकते हैं।









