लोकवाहिनी, संवाददाता जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में बुधवार को सुरक्षा बलों के सामने 3.95 करोड़ रुपये के इनाम वाले 108 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (IG) सुंदरराज पी. ने बताया कि माओवादियों की ‘दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC)’ के कैडरों ने जिला मुख्यालय जगदलपुर में आत्मसमर्पण किया। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के DKSZC समूह ने पहले बस्तर में कई जानलेवा हमले किए हैं।
सुंदरराज पी. ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कैडरों से प्राप्त सूचना तथा अन्य खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए AK-47, इंसास (INSAS), एलएमजी (LMG), बीजीएल (BGL) सहित कुल 101 घातक हथियारों की बरामदगी विभिन्न ‘डंप’ से की, जो नक्सल विरोधी अभियानों की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने बताया कि नक्सल विरोधी अभियान के इतिहास में एक ही स्रोत से सर्वाधिक 3.61 करोड़ रुपये नकद तथा 1.64 करोड़ रुपये मूल्य का एक किलोग्राम सोना माओवादियों के ‘डंप’ से बरामद किया गया है। अधिकारी ने बताया कि ‘पुना नर्कोंम-विनाश से पुनर्जीवन’ की पहल से प्रभावित होकर राज्य में पिछले 26 महीनों में कुल 2714 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।
सुंदरराज ने बताया कि ‘दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी’ के प्रमुख बस्तर डिवीजन के DVCM राहुल सलाम, पाण्डु कोवासी और मुन्ना ओयाम, पूर्व बस्तर डिवीजन कमेटी के DVCM रामधर उर्फ वीर, उत्तर बस्तर डिवीजन कमेटी के DVCM मल्लेश, पीएलजीए (PLGA) बटालियन नंबर एक के कमांडर हिचकी, आंध्र-ओडिशा बॉर्डर के DVCM कोसा मंडावी जैसे प्रमुख नक्सल कैडरों ने आज आत्मसमर्पण किया।









