नागपुर:नागपुर के हनुमान नगर इलाके में स्थित श्री संत रविदास छात्रालय और मंदिर के पास चल रहे एक कथित अवैध बिरयानी सेंटर को लेकर विवाद गहरा गया है। छात्रालय प्रबंधन और स्थानीय नागरिकों ने मंदिर परिसर के पास चल रहे ताज बिरयानी सेंटर समेत अन्य अतिक्रमणों को तुरंत हटाने की मांग की है।
बताया गया है कि हनुमान नगर में पिछले लगभग 60 वर्षों से गरीब और पिछड़े वर्ग के करीब 50 छात्रों के लिए अनुदान पर श्री संत रविदास छात्रालय संचालित हो रहा है। इसी परिसर में श्री संत रविदास महाराज का मंदिर भी स्थित है। आरोप है कि मंदिर से सटे स्थान पर ताज बिरयानी सेंटर नाम से एक दुकान अवैध रूप से संचालित की जा रही है, जहां मांसाहारी बिरयानी और अन्य मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री की जाती है।
छात्रालय प्रबंधन का कहना है कि यह व्यक्ति संस्थान का किरायेदार नहीं है, बल्कि जबरदस्ती कब्जा कर व्यवसाय कर रहा है। इसके कारण मंदिर की पवित्रता भंग हो रही है और हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार रात के समय यहां ग्राहकों की भीड़ के कारण ट्रैफिक की समस्या पैदा होती है। कुछ लोग छात्रालय परिसर में घुसकर शराब भी पीते हैं, जिससे छात्रों के वातावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। साथ ही मांस पकाने की प्रक्रिया से वायु प्रदूषण और ग्राहकों के शोर से ध्वनि प्रदूषण भी बढ़ रहा है।
छात्रालय प्रबंधन का यह भी आरोप है कि जब बिरयानी सेंटर संचालक से इस बारे में बात करने की कोशिश की जाती है तो वह झगड़ा करने और मारपीट पर उतारू हो जाता है।
इस संबंध में नगर निगम, नागपुर सुधार प्रन्यास, पुलिस स्टेशन, विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री तक कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। छात्रालय के सहसचिव लीलाधर कानोडे ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।









