लोकवाहिनी, संवाददाता:कामठी। जहाँ एक ओर रूस-यूक्रेन, अफगानिस्तान-पाकिस्तान और इजराइल-अमेरिका-ईरान जैसे युद्धों की आग में पूरी दुनिया जल रही है, वहीं समुद्र पार से एक छात्र आधुनिक दुनिया के तनाव से दूर शांति पाने के लिए कामठी पहुँचा है। अमेरिका के वाशिंगटन विश्वविद्यालय के 24 वर्षीय छात्र रॉन वरड ने कामठी के विश्व प्रसिद्ध ड्रैगन पैलेस मंदिर क्षेत्र में स्थित ड्रैगन पैलेस विपश्यना ध्यान केंद्र में 10 दिवसीय आवासीय शिविर सफलतापूर्वक पूरा किया।
वर्तमान वैश्विक युद्ध जैसी स्थिति युवाओं की मानसिकता पर गहरा प्रभाव डाल रही है। अमेरिका जैसे विकसित देश में रहते हुए भी, रॉन ने वैचारिक भ्रम और मानसिक अशांति से उबरने के लिए प्राचीन भारतीय पद्धति ‘विपश्यना’ को चुना। उन्होंने 6 से 17 मार्च, 2026 तक ड्रैगन पैलेस स्थित केंद्र में आवासीय शिविर पूरा किया। रॉन पेशे से एमडी (चिकित्सा) की पढ़ाई कर रहे छात्र हैं। विज्ञान की पढ़ाई के दौरान, वे मन के विज्ञान को समझने के लिए ड्रैगन पैलेस पहुँचे।
दिलचस्प बात यह है कि इस 10 दिवसीय शिविर के दौरान उन्होंने सख्त अनुशासन का पालन किया और मौन धारण किया। इलाके में यह चर्चा है कि इस शिविर ने उन्हें जीवन के प्रति एक नया दृष्टिकोण दिया है। ड्रैगन पैलेस स्थित विपश्यना केंद्र न केवल विदर्भ के लिए बल्कि विश्वभर के साधकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। प्रचार प्रमुख सुशील तायड़े ने बताया कि अमेरिका से आए इस विद्यार्थी का कामठी की पवित्र भूमि पर आकर ध्यान करना, कामठी के आध्यात्मिक महत्व में एक और महत्वपूर्ण स्तंभ जोड़ता है।









