लोकवाहिनी, संवाददाता:भंडारा। ओबीसी आरक्षण और जातिगत जनगणना की मांग को लेकर रविवार (22 मार्च) को भंडारा में ओबीसी समाज का विशाल मोर्चा जिला कलेक्टर कार्यालय पर पहुँचा। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी से पूरा शहर पीले झंडों और पट्टों से रंगा नजर आया।
यह ‘लॉन्ग मार्च’ शहर के ऐतिहासिक दशहरा मैदान से शुरू होकर अनुशासित तरीके से जिला कलेक्टर कार्यालय तक पहुँचा। आंदोलन में ओबीसी संघर्ष समिति के पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और हजारों नागरिक शामिल हुए। ‘जय ओबीसी, जय संविधान’ के नारों से पूरा क्षेत्र गूँज उठा।
आंदोलन की मुख्य मांग केंद्र सरकार से तत्काल ओबीसी की जातिगत जनगणना कराने और आगामी जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम शामिल करने की रही। इस संबंध में आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान कई राजनीतिक नेताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। विजय वडेट्टीवार, सांसद डॉ. प्रशांत पडोले, विधायक नाना पटोले, अभिजीत वंजारी सहित अन्य नेताओं ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले किए गए वादों को पूरा नहीं किया गया है।
मोर्चे में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। मंगला वाडीभस्मे, ललिता देशमुख, वंदा गायधने, भावना निकुरे सहित कई महिला कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस आंदोलन के माध्यम से ओबीसी समाज ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए अपने अधिकारों के लिए संघर्ष को और तेज करने का संकेत दिया है।











