नागपुर में 8 अप्रैल को भारतीय मजदूर संघ की ओर से एक भव्य श्रमिक आक्रोश रैली का आयोजन किया जा रहा है। यह रैली राज्य और केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की लंबित समस्याओं को लेकर निकाली जाएगी।
संघ के अनुसार, कर्मचारियों के अनेक महत्वपूर्ण मुद्दे वर्षों से शासन स्तर पर लंबित हैं। कई बार संबंधित विभागों और मंत्रियों से चर्चा तथा बैठकों के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। इसी के विरोध में यह रैली आयोजित की जा रही है।
रैली में विदर्भ के 11 जिलों से करीब 15 हजार से अधिक महिला और पुरुष कर्मचारी शामिल होंगे। यह रैली सुबह 11 बजे यशवंत स्टेडियम से शुरू होकर मुख्यमंत्री सचिवालय तक जाएगी, जहां प्रतिनिधिमंडल द्वारा ज्ञापन सौंपा जाएगा।
रैली की प्रमुख मांगों में कंत्राटी कर्मचारियों के लिए नौकरी सुरक्षा, महिला आर्थिक विकास मंडल की कर्मचारियों को उचित मानधन, मीटर रीडर कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति, तथा नागपुर मेट्रो और अन्य विभागों में कंत्राटी कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग शामिल है।
इसके अलावा, कर्मचारियों को किमान वेतन, भत्तों का लाभ, रिक्त पदों पर भर्ती, ईपीएस-95 पेंशन में वृद्धि, राष्ट्रीयकृत बैंकों में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करना, और विभिन्न विभागों में वेतन विसंगतियों को दूर करने जैसे कई मुद्दे भी उठाए जाएंगे।
इस रैली का नेतृत्व संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एस. मलेशम सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी करेंगे। आयोजकों का कहना है कि जब तक कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।







