बुलढाणा-मलकापुर मार्ग पर किया रास्ता रोको, लंबी कतारों ने बढ़ाई मुश्किलें
लोकवाहिनी संवाददाता:बुलढाणा। राज्य सरकार की ओर से लगातार यह दावा किया जा रहा है कि पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है, लेकिन बुलढाणा जिले में हालात इसके विपरीत दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल बार-बार जनता से अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील कर रहे हैं, जबकि जिले के पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें आम दृश्य बन चुकी हैं। जिले के कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने के बोर्ड लगे हुए हैं, वहीं कुछ स्थानों पर सीमित मात्रा में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इस संकट से कार, बाइक, ऑटो और ट्रैक्टर चालक सभी प्रभावित हो रहे हैं।
बुलढाणा जिले में अधिकांश स्थानों पर यही स्थिति देखने को मिल रही है। मोताला तालुका में भी ईंधन संकट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भीषण गर्मी और 42 डिग्री तापमान के बीच वाहनधारकों को पेट्रोल-डीजल के लिए घंटों लंबी लाइनों में खड़ा रहना पड़ रहा है। कई बार रात के समय भी लोगों को पेट्रोल पंपों के बाहर इंतजार करना पड़ रहा है। पेट्रोल की कमी से लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है, जबकि डीजल नहीं मिलने से खरीफ सीजन की कृषि तैयारियां भी बाधित हो रही हैं। किसानों का कहना है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि केवल दावे कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
किसानों का फूटा गुस्सा
लगातार बढ़ती परेशानियों के बीच शुक्रवार को मोताला तालुका के किसानों और वाहनधारकों का धैर्य जवाब दे गया। पेट्रोल और डीजल नहीं मिलने से नाराज किसानों ने बुलढाणा-मोताला मार्ग पर रास्ता रोको आंदोलन शुरू कर दिया। दोपहर के समय सैकड़ों किसानों ने बुलढाणा-मलकापुर मार्ग पर परडा फाटा के पास सड़क जाम कर दी। देखते ही देखते आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कई दिनों से पेट्रोल पंपों के चक्कर लगाने के बावजूद डीजल नहीं मिल रहा है, जिससे खेती के काम ठप पड़ गए हैं। पुलिस ने समझाने का किया प्रयास घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने आंदोलन कर रहे किसानों और नागरिकों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। परडा फाटा क्षेत्र में कुछ समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और यातायात भी प्रभावित हुआ।













