लोकवाहिनी, संवाददाता नागपुर। भारत ही नहीं बल्कि विश्व की सबसे बहादुर दृष्टिहीन तैराक ईश्वरी कमलेश पांडे के पहुँचने के बाद 9 अप्रैल को नागपुर रेलवे स्टेशन परिसर ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ के जोरदार नारों से गूँज उठा। ईश्वरी सुबह पुडुचेरी से नई दिल्ली जाने वाली ट्रेन से नागपुर पहुँचीं। उनके साथ कोच संजय बाटवे, पिता कमलेश, प्रसिद्ध तैराक सुखदेव धवे, प्रकाश मानकर, ईश्वरी के भाई ईशान, संदीप वैद्य, भावी राजगीर, अभय राजगीर और तातेश्वर प्लेटफॉर्म पर जमा हो गए और उनकी आँखों से खुशी के आँसू बह रहे थे।
जैसे ही पूरी टीम पश्चिमी गेट के पास पहुँची, ईश्वरी का स्वागत करने आए उनके प्रशंसकों ने हजारों यात्रियों का ध्यान आकर्षित कर लिया। उनकी जोरदार जयकार ने ऑटो चालकों का भी ध्यान खींचा। 15 से 20 मिनट तक ईश्वरी पर फूलों की वर्षा हुई। उनके चेहरे पर फूलों की मालाएं डाली गईं। सजी हुई जीप में ईश्वरी का स्वागत जुलूस निकाला गया। टेकड़ी के गणपति पहुँचते ही ईश्वरी ने ‘गणपति बप्पा मोरया’ कहा।
अभिनंदन रैली लोहा पुल, संतरा मार्केट और बैद्यनाथ चौक होते हुए मेडिकल चौक पहुँचते ही चौक की सभी छह गलियाँ फूलों की वर्षा से सराबोर हो गईं। इतना ही नहीं, एक प्रशंसक एक घोड़ा लेकर आया। उसने ईश्वरी को बधाई दी और उनसे घोड़े पर बैठने का अनुरोध किया। वे घोड़े पर सवार हुईं। हाथ में तिरंगा लिए उन्होंने सम्मान रैली में उत्साह भर दिया। रैली खेल चौक पहुँचते ही ईश्वर देशमुख शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय की प्रधानाचार्य और शिव छत्रपति खेल पुरस्कार विजेता शारदा नायडू बटलेवार के नेतृत्व में असंख्य छात्रों ने फूलों से उनका स्वागत किया। भव्य स्वागत के बाद, जैसे ही रैली आशीर्वाद नगर स्थित ईश्वरी के आवास पर पहुँची, अनेक नागरिकों ने ईश्वरी की प्रशंसा की।







