लोकवाहिनी संवाददाता:मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कानून-व्यवस्था से जुड़े संवेदनशील मामलों को लेकर गृह विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्य के कई चर्चित मामलों जैसे नासिक धर्मांतरण, खरात प्रकरण, परतवाड़ा शोषण केस और गोरेगांव ड्रग्स नेटवर्क की जांच की प्रगति का विस्तार से आकलन किया गया।
इस अहम बैठक में पुलिस महानिदेशक, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, विशेष जांच दल (एसआईटी) के प्रमुख सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने साफ संकेत दिए कि इन मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जांच पूरी तरह परिणाम-केंद्रित होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने इस मामले में पीड़ितों के विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जांच का उद्देश्य केवल प्रक्रिया पूरी करना नहीं, बल्कि दोषियों को सजा दिलाना होना चाहिए। इसके लिए ठोस और निर्विवाद सबूत जुटाने के निर्देश दिए गए, ताकि अदालत में केस मजबूत रह सके। नासिक में सामने आए धर्मांतरण से जुड़े मामले पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। नासिक पुलिस द्वारा मामले का खुलासा करने की सराहना करते हुए उन्होंने आगे की जांच को और ज्यादा संगठित और गहराई से करने के निर्देश दिए। साथ ही संभावित नेटवर्क, पैटर्न और कनेक्शन की भी बारीकी से जांच करने को कहा गया।
परतवाड़ा से जुड़े संवेदनशील प्रकरण में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पीड़ितों को काउंसलिंग के माध्यम से भरोसा दिलाया जाए, ताकि ये बिना डर के सामने आ सकें और शिकायत दर्ज करा सकें। इसके लिए समाजसेवकों और विश्वसनीय संगठनों की मदद लेने पर भी जोर दिया गया। गोरेगांव में सामने आए ड्रग्स नेटवर्क को लेकर मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर खतरा है। इसलिए इस पर बड़े स्तर पर ऑपरेशन चलाकर नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने की रणनीति अपनाई जाए।











