लोकवाहिनी, एजेंसी,नई दिल्ली। अपने राष्ट्र संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं यहां एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा करने आया हूं, खासकर इस देश की महिलाओं के लिए। इस देश का हर नागरिक देख रहा है कि महिलाओं की प्रगति किस प्रकार रुक गई है। हमारे तमाम प्रयासों के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए हैं। नारी शक्ति अधिनियम में संशोधन नहीं हो सका। इसके लिए मैं देश की सभी माताओं और बहनों से क्षमा मांगता हूं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश की बहन-बेटियां कांग्रेस की इस मानसिकता को करारा जवाब देंगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस बिल के पास नहीं होने को सरकार की नाकामी बता रहे हैं, जबकि यह मुद्दा क्रेडिट लेने का था ही नहीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैंने संसद में स्पष्ट कहा था कि आधी आबादी को इसका लाभ मिलने दीजिए, मैं विज्ञापन छपवाकर कांग्रेस को भी इसका श्रेय दे दूंगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने जानबूझकर इस बिल को पास होने से रोका।
पीएम मोदी ने कहा कि संसद में कल नारी शक्ति वंदन संशोधन का विरोध करने वाली पार्टियों से मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं। ये लोग महिलाओं की शक्ति को हल्के में ले रहे हैं। वे भूल रहे हैं कि 21वीं सदी की महिलाएं देश की हर घटना पर बारीकी से नजर रख रही हैं। वे उनके इरादों को समझती हैं और सच्चाई से भलीभांति परिचित हैं। इसलिए, विपक्ष को महिला आरक्षण का विरोध करके किए गए पाप का दंड अवश्य भुगतना पड़ेगा।








