लोकवाहिनी, संवाददाता:नागपुर। सरकारी और अर्ध-सरकारी कर्मचारियों द्वारा पुरानी पेंशन योजना को लागू कराने और अन्य मांगों को लेकर हड़ताल जारी है। हालांकि, कुछ कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल का समर्थन नहीं किया है और वे काम पर लौट आए हैं। कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी है। कर्मचारियों की हड़ताल से सरकारी कामकाज प्रभावित हो रहा है। कुछ विभागों में कामकाज ठप हो गया है। विशेष रूप से, राजस्व विभाग से संबंधित कामकाज सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। बताया जा रहा है कि दूसरे दिन भी करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। सरकार ने इस हड़ताल के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।
हड़ताल में भाग लेने वालों को अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है और यह स्पष्ट कर दिया गया है कि ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ की नीति का पालन किया जाएगा। यहां कर्मचारी भी हड़ताल पर अड़े हुए हैं। राजस्व तृतीय श्रेणी कर्मचारी संघ के महासचिव राज डोमने ने कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच बातचीत होने तक हड़ताल जारी रहेगी। राज्य कर्मचारी संघ ने राज्य सरकार को 18 मांगों का ज्ञापन सौंपा है। इन मांगों में पुरानी सेवानिवृत्ति वेतन योजना को लागू करना, सभी रिक्त पदों को तुरंत भरना, संविदा कर्मचारियों को नियमित करना, प्रतीक्षा सूची से अनुकंपा के आधार पर योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति करना, सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाकर 60 वर्ष करना, शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए 10, 20 और 30 की सुनिश्चित प्रगति योजना को लागू करना और छठे वेतन आयोग के बाद से लिपिकीय वर्ग के वेतन में मौजूद असमानताओं को दूर करना शामिल है। इन मांगों को लेकर कर्मचारियों ने हड़ताल का आह्वान किया है।
नागरिक को पड़ा लौटना
कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जिला कलेक्टर कार्यालय के खनन, नजूल, शहरी विकास, राजस्व, भूमि अधिग्रहण आदि विभागों में भारी अव्यवस्था फैली हुई थी। मंगलवार को कर्मचारी संगठनों ने दावा किया कि पहले ही दिन करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। बुधवार के दिन भी स्थिति वैसी ही रही।








