लोकवाहिनी, संवाददाता:नागपुर। कांग्रेस के विधानसभा गट नेता विजय वडेट्टीवार ने भाजपा पर सवाल दागते हुए कहा कि महिला आरक्षण कानून तो पहले ही बन चुका है। सरकार यह बताए कि उस पर कब अमल करने वाली है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने जो नया विधेयक संसद में लाया, वह महिला आरक्षण से संबंधित नहीं है। यह तो विधानसभा व लोकसभा क्षेत्र की सीटें बढ़ाने और क्षेत्र परिसीमन को लेकर है। 5 राज्यों में चुनाव के बीच भाजपा सरकार ने आरक्षण को लेकर नाटक किया। विशेष अधिवेशन बुलाकर महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं हो पाने का शोर मचाया है। भाजपा, कांग्रेस मुक्त भारत की बात कर रही थी। अब उसे लगता है कि उसकी 17 पीढ़ियां भी कांग्रेस मुक्त नहीं कर पायेगी। इसलिए महिला आरक्षण के नाम पर केवल कांग्रेस का विरोध और उसे बदनाम करने का असफल प्रयास किया जा रहा है।
गुरुवार को प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता में वडेट्टीवार बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी महिला आरक्षण का विरोध नहीं किया है। स्थानीय निकाय संस्थाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण कांग्रेस ने ही दिलाया। 2023 में 106वें संविधान संशोधन के माध्यम से महिला आरक्षण विधेयक मंजूर किया गया। उसे कानूनी अमलीजामा पहनाने के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा गया, लेकिन 3 वर्ष तक यह विधेयक राष्ट्रपति के पास लंबित रहा। केंद्र सरकार ने उस विधेयक पर आवश्यक हस्ताक्षर ही नहीं किए थे। कांग्रेस नेता ने यह विषय संसद में रखा तो सरकार की ओर से 4-5 दिन में कानूनी प्रक्रिया पूरी करके संसद में बताया गया कि 106वें संविधान विधेयक कानून में परिवर्तन हो गया है।
वडेट्टीवार ने कहा कि उत्तर की तुलना में दक्षिण भारत में जनसंख्या कम है। जनसंख्या के आधार पर दक्षिण भारत को लोकसभा की कम सीटें मिलतीं। यह दक्षिण भारत के साथ अन्याय है। उन्होंने सवाल दागा- जनसंख्या नियंत्रित रखना गलत है क्या? नई क्षेत्र रचना से सत्ता का केंद्र पूरी तरह से उत्तर भारत रहेगा। हाथरस व मणिपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि भाजपा की मानसिकता पहले ही उजागर हो चुकी है। दुष्कर्म के अपराध में जेल से जमानत पर छूटे आसाराम बापू को राम मंदिर दर्शन के दौरान वीआईपी सेवा देनेवाले हमें महिला सम्मान न सिखायें। पत्रकार वार्ता में विधायक विकास ठाकरे, नगरसेवक अतुल कोटेचा, संदेश सिंगलकर, बंटी शेलके उपस्थित थे।










