लोकवाहिनी, संवाददातानागपुर। बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री ने श्याम मानव पर कटाक्ष करते हुए कहा, मेरी सभा 30 अप्रैल तक रहेगी। जिन्हें संदेह है, वे आएं, ताकि उनकी और हमारी परेशानियां हमेशा के लिए खत्म हो जाएं। मैं 30 तारीख को यहां से जा रहा हूं, उसके बाद मुझ पर भाग जाने का आरोप मत लगाना।
बागेश्वर बाबा धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री इस समय नागपुर में हैं। उनके एक बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। अब उन्होंने अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के श्याम मानव को सीधे चुनौती दी है। हम दो दिनों तक दरबार लगाएंगे। बागेश्वर बाबा ने संदेह करने वालों को खुली चुनौती दी है। बागेश्वर बाबा पाखंडी हैं, ये यह बात भली-भांति जानते हैं। कोई भी देवता उनसे प्रसन्न नहीं है। श्याम मानव ने पत्रकारों के सामने अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की चुनौती स्वीकार करने को कहा है। इसलिए दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को चुनौती दी है।
विरोधकों का समाचार लेते हुए धीरेन्द्र शास्त्री ने अपने अनूठे अंदाज में कहा, मैं फिलहाल पांच दिनों के लिए यहां (नागपुर में) हूं, मध्य प्रदेश में नहीं। यहां राम कथा चल रही है, यह क्षेत्र उनका है और मंच भी उनका है। मेरे पास जो भी ज्ञान और क्षमता है, मैं उसे प्रस्तुत करूंगा। मैं कोई जादूगर नहीं हूं, लेकिन मैं ईश्वर की प्रेरणा से लोगों का मार्गदर्शन करता हूं।
अब पुरस्कार राशि 80 लाख
धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री द्वारा चुनौती दिए जाने के बाद, अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के श्याम मानव ने इसे स्वीकार कर लिया है। उन्होंने बागेश्वर बाबा से पत्रकारों के सामने अपने सभी दिव्य कर्मों को प्रदर्शित करने की अपील की है। श्याम मानव ने बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री द्वारा दी गई चुनौती के बाद कहा कि यदि बाबा चमत्कार सिद्ध करते हैं, तो 2023 में पुरस्कार 30 लाख रुपये था, जिसे अब बढ़ाकर 80 लाख रुपये कर दिया गया है। मानव ने दिव्य दरबार में जारी वीडियो के आधार पर उन्हें यह चुनौती दी है।
क्या बाबा चुनौती स्वीकार करेंगे?
श्याम मानव ने कहा कि 2023 वाली ही परिस्थितियां आज भी लागू हैं। पत्रकार के सामने बागेश्वर बाबा को दस लोगों की पहचान करनी होगी या पास के कमरे में रखी वस्तुओं की पहचान करनी होगी। उन्हें भक्त का नाम, मोबाइल नंबर और घर में वस्तुओं के रखे होने का पता बताना होगा। इसलिए बाबा के पास कोई दैवीय शक्ति नहीं है। वे केवल लोगों को धोखा देने का काम करते हैं। श्याम मानव ने जवाब दिया कि अगर 90 प्रतिशत वस्तुओं की भी पहचान हो जाती है, तो हम अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति बंद कर देंगे और उनके स्थायी भक्त बन जाएंगे।








