लोकवाहिनी, संवाददाता:नागपुर। नंदनवन स्थित वेंकटेश नगर में मां-बेटी आत्महत्या के बाद पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि विवाहित महिला और फिर उसकी मां ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसका कारण यह था कि ससुराल वाले पुश्तैनी जमीन को अपने नाम करने का दबाव डाल रहे थे। इस मामले में, नंदनवन पुलिस ने दहेज निवारण अधिनियम के तहत पांच लोगों – पति, सास-ससुर, ननद और उसके पति के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जो विवाहित महिला को परेशान कर रहे थे।
संगीता श्रीराम डबाले (52) और उनकी विवाहित बेटी आकांक्षा लोकेश ब्रह्मे (29) ने 1 मई को वेंकटेश नगर स्थित अपने घर के एक ही कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। शुरू में पुलिस ने इसे आकस्मिक मृत्यु माना था। हालांकि, आगे की जांच और आकांक्षा के मामा विलास केशवराव पिसे (47) मौदा के निवासी की शिकायत के बाद पुलिस ने सोमवार को ससुराल वालों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया।
नंदनवन पुलिस के अनुसार, आकांक्षा की शादी के बाद उसके पति लोकेश सुधाकर ब्रह्मे (30), ससुर सुधाकर ब्रह्मे (60), सास अनुसया सुधाकर ब्रह्मे (48), ननद प्राची डफ और उसके पति अमोल डफ दहेज के लिए आकांक्षा को लगातार परेशान कर रहे थे। उसे लगातार पति द्वारा पैसे लाने को कहा जाता था।








