नागपुर ( महाराष्ट्र)। नागपुर शहर की लकड़गंज पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने अंतरराज्यीय फ्रॉड गिरोह के सदस्य प्रखर तिवारी को जयपुर से गिरफ्तार किया। प्रखर तिवारी नागपुर के भिलगांव का निवासी है, जबकि गिरोह की एक महिला सदस्य अभी भी फरार बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह महाराष्ट्र और कर्नाटक के कई शहरों के लोगों को सस्ती जमीन का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करता रहा है। मामले में बिल्डर लॉबी और उच्च पदों पर बैठे कुछ अधिकारियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा पुलिस का कहना है कि यह गिरोह चोरी की गाड़ियों के नकली पेपर्स बनाने के काम में भी शामिल रहा है।
गिरोह के सदस्यों पर नागपुर शहर के जरीपटका, गिट्टीखदान, पांचपावली और लकड़गंज थानों में कई बड़े अपराध दर्ज हैं। पुलिस ने इस गिरोह की तलाश साल 2022 से की जा रही थी। जयपुर में प्रखर तिवारी की गिरफ्तारी कई दिनों से पुलिस की निगरानी में थी। आरोपी को कोर्ट ने 24 सितंबर तक पुलिस हिरासत का आदेश सुनाया है।
उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में, इस मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हेमंत चान्देवार, पुलिस निरीक्षक गुन्हे साईनाथ रामोड़, ACP श्वेता खाड़े और DCP राहुल मदने के नेतृत्व में की जा रही है। अधिकारी बता रहे हैं कि प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है कि आरोपी और उसकी महिला सहयोगी को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और न्याय के तहत सजा दिलाई जा सके।
आदर्श भंडारे, पो. उपनिरीक्षक, लकड़गंज, नागपुर ने कहा, “हमारा प्रयास है कि गिरोह के सभी सदस्य जल्द से जल्द पकड़ में आएं और लोगों को हुई ठगी की भरपाई सुनिश्चित हो।” इस गिरफ्तारी से पुलिस ने कई दिनों से चल रही तलाश और जांच को सफलतापूर्वक समाप्त कर दिया है।
इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट हुआ कि अंतरराज्यीय फ्रॉड गिरोह ने महाराष्ट्र और कर्नाटक के नागरिकों को ठगी में शामिल करके बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान पहुंचाया है और अब नागपुर पुलिस की सतर्कता और सक्रियता से इस गिरोह के खिलाफ कड़ा संदेश गया है।
रिपोर्ट: विशाल बाम्बड़वार, लोकवाहिनी डिजिटल, नागपुर (महाराष्ट्र)











