प्रतिदिन लू लगने से 3 संदिग्धों की मौत, 8 दिनों में 26 अज्ञात मौतें
लोकवाहिनी, संवाददाता:जिले में अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी बढ़ने की संभावना है और भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 23 मई तक ऑरेंज अलर्ट और 24 और 25 मई को येलो अलर्ट जारी किया है। कुछ स्थानों पर लू चलने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने नागरिकों के स्वास्थ्य पर गर्मी के प्रतिकूल प्रभाव को रोकने के लिए विभिन्न ऐहतियाती निर्देश जारी किए हैं। लोगों को विशेष रूप से दोपहर 12 से 3 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमित रूप से पानी पीना, ओआरएस, नींबू पानी, छाछ, लस्सी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करना और शरीर को निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) से बचाना आवश्यक है।
उपराजधानी में पारा 46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है और भीषण गर्मी से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। इस भीषण गर्मी ने न केवल जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, बल्कि खुले में रहने वालों का जीवन भी स्तब्ध कर दिया है। पिछले आठ दिनों में ही 26 अज्ञात लोगों की मौत हो चुकी है। यानी शहर में औसतन हर दिन तीन निर्दोष लोगों की जान जा रही है। इन मौतों का कारण लू लगना माना जा रहा है। नागपुर निवासियों की हालत इस समय ‘आग की भट्टी’ में होने जैसी है। घर में बैठे-बैठे भी उनका शरीर झुलस रहा है और बढ़ते तापमान के कारण आम नागरिकों के पंखे और कूलर भी गर्म हवा फेंक रहे हैं। नागपुर में इस समय पड़ रही भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बारे में सटीक जानकारी और इससे बचाव के उपायों को जानना जरूरी है। नागपुर में इस समय अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। गर्मी से बचने के लिए खूब पानी पिएं। प्यास न लगने पर भी हर 15-20 मिनट में पानी पिएं। शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने के लिए नींबू पानी, ओआरएस, छाछ या नारियल पानी का सेवन करें। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच सीधी धूप से बचें। अगर बाहर जाना ही पड़े तो सूती कपड़े पहनें, सिर पर टोपी या सूती रुमाल रखें और चश्मा लगाएं। कूलर या पंखे से आने वाली गर्म हवा को कम करने के लिए कूलर की खिड़की या दरवाजे पर गीला सूती कपड़ा या पर्दे लगाएं। तापमान संबंधी सटीक जानकारी और लू की चेतावनी जानने के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) नागपुर और नागपुर क्षेत्रीय मौसम केंद्र की आधिकारिक वेबसाइटों पर जाएं।
मेयो में 15, मेडिकल कॉलेज में 11 मौतें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 13 से 20 मई तक महज आठ दिनों में सड़क किनारे और फुटपाथ पर बेहोश पाए गए 15 अज्ञात व्यक्तियों को इंदिरा गांधी सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (मेयो) में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी जांच की और उन्हें मृत घोषित कर दिया। सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (मेडिकल) में भी ऐसी ही दुखद स्थिति बनी हुई है, जहां 11 अज्ञात व्यक्तियों की मौत की खबर है।













