लखनऊ। लगातार छह मैच में हार से आहत पंजाब किंग्स की टीम को इस निराशा को भुलाकर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के प्लेऑफ में जगह बनाने की अपनी धुंधली उम्मीदों को जीवंत रखने के लिए शनिवार को यहां होने वाले मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करनी होगी।
पंजाब ने अपने पहले छह मैच जीते थे लेकिन 25 अप्रैल को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ रिकॉर्ड 265 रन का लक्ष्य हासिल करने के बाद उसका अभियान नाटकीय रूप से चरमरा गया। पिछली बार की उपविजेता टीम पंजाब किंग्स पहले सात मैचों में छह जीत के साथ खिताब की असली दावेदार लग रही थी लेकिन लगातार छह हार झेलने के कारण उसकी प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदें अधर में लटक गई हैं।
अब पांचवें स्थान पर काबिज पंजाब को न केवल शनिवार को यहां अपने अंतिम लीग मैच में एलएसजी को हराना होगा, बल्कि प्लेऑफ में जगह बनाने के लिए रविवार के दो मैचों (मुंबई इंडियंस बनाम राजस्थान रॉयल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स बनाम दिल्ली कैपिटल्स) के परिणाम पर भी निर्भर रहना होगा। श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम चाहेगी कि राजस्थान रॉयल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स दोनों ही अपने-अपने मैच हार जाएं। अगर राजस्थान रॉयल्स मुंबई को हरा देती है तो पंजाब की उम्मीदें आधिकारिक तौर पर खत्म हो जाएंगी, वहीं अगर केकेआर दिल्ली कैपिटल्स को हरा देती है तो मामला नेट रन रेट पर अटक सकता है।
पंजाब का नेट रन रेट केकेआर से थोड़ा बेहतर है। लेकिन अगर मगर की बात आने से पहले पंजाब को लंबे समय से चले आ रहे खराब प्रदर्शन के बाद अपनी फॉर्म को फिर से हासिल करने की जरूरत है। उसके शीर्ष क्रम के बल्लेबाज प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह और कूपर कोनोली की सत्र की शुरुआत की तरह आक्रामक होकर नहीं खेल पा रहे हैं। प्रियांश ने अपनी पिछली सात पारियों में सिर्फ एक अर्धशतक बनाया है और वह पिछले मैच में खाता भी नहीं खोल पाए थे। प्रभसिमरन भी अपनी प्रदर्शन में निरंतरता लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।












