58 लाख रुपये का मिसब्रांडेड एनर्जी ड्रिंक जब्त
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। अन्न व औषध विभाग ने अन्न सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर गुरुवार को कार्रवाई की है। टीम ने नागपुर जिले में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रेडी टू सर्व फ्रूट ड्रिंक (एनर्जिल, एनर्जी ड्रिंक), न्यूट्रास्युटिकल्स और प्रतिबंधित अन्न पदार्थों के संदिग्ध स्टॉक जब्त किए। एफडीए ने 58 लाख 42 हजार 396 रुपये की सामग्री जब्त की है। गुप्त सूचना के आधार पर सहायक आयुक्त यदूराज दहातोंडे, अन्न सुरक्षा अधिकारी ललित सोयाम, रावसाहब वाकडे और महेश चहादे की टीम ने M/s यूडीसी लिमिटेड, सोनेगाव एमआईडीसी, हिंगणा, नागपुर स्थित वितरक पर छापा मारा।
एनर्जिल उत्पाद को एनर्जी एंड इलेक्ट्रालिक लिखकर बेचा जा रहा था जिसे मिसब्रांडेड माना गया। खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसआई) ने 26 मई 2026 को ही उत्पादक कंपनी M/s एफडीसी लिमिटेड, औरंगाबाद को इसकी सूचना दी थी, इसके बावजूद कंपनी द्वारा बिक्री जारी रखी गई। अन्न व औषध प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी अन्न पदार्थ की गुणवत्ता पर संदेह हो तो तुरंत कार्यालय से संपर्क करें या टोल-फ्री नंबर 1800-222-365 पर सूचना दें। यह अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा। कार्रवाई के दौरान रेडी टू सर्व फ्रूट ड्रिंक (एनर्जिल) 36 हजार 366 लीटर (लगभग 1,79,627 बोतलें/पैकेट), कीमत 55 लाख 67 हजार 779, न्यूट्रास्युटिकल्स – 531 स्ट्रिप्स व 22 प्लास्टिक जार कीमत 1 लाख 42 हजार 890 रुपये, प्रतिबंधित अन्न पदार्थ 161 किलो, कीमत 1 लाख 31 हजार 727 रुपये की सामग्री जब्त की है। सभी नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
धंतोली में न्यू रूट्स स्किन, लेजर एंड हेयर ट्रांसप्लांट क्लिनिक पर छापा
7 लाख दवाइयों का स्टॉक जब्त, बिना लाइसेंस दवाओं की बिक्री
नागपुर। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने धंतोली स्थित एक प्रतिष्ठित क्लिनिक पर छापा मारा जो बिना लाइसेंस के एलोपैथिक दवाएं बेचकर मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहा था। वहां से लगभग 7 लाख रुपये की दवाएं जब्त की गईं। जांच के दौरान पता चला कि क्लिनिक के पास वैध दवा बिक्री लाइसेंस नहीं था और मरीजों से किसी अन्य लाइसेंस प्राप्त फार्मेसी के नाम पर दवाओं के बिल लिए जा रहे थे। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) को मिली गोपनीय सूचना के अनुसार धंतोली गार्डन के पास स्थित ‘न्यू रूट्स स्किन, लेजर एंड हेयर ट्रांसप्लांट क्लिनिक’ में बिना लाइसेंस के दवाओं की बिक्री होने का संदेह था। इसी के मद्देनजर आयुक्त तुकाराम मुंडे और संयुक्त आयुक्त (दवाएं) मिलिंद कालेश्वरकर के मार्गदर्शन में एफडीए की एक टीम ने क्लिनिक का निरीक्षण किया। वहां से बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं बरामद हुईं। ऑपरेशन मैनेजर आकांक्षा बोंद्रे से दवा खरीद के दस्तावेज मांगे जाने पर उन्होंने उन्हें प्रस्तुत नहीं किया। गौरतलब है कि यह भी देखा गया कि मरीजों को नासिक स्थित लाइसेंस प्राप्त संस्था ‘116 रेमेडीज’ के नाम से बिल भेजा जा रहा था, जबकि क्लिनिक के पास दवा बिक्री का लाइसेंस नहीं था। अतः, प्रशासन ने प्रारंभिक निष्कर्ष निकाला है कि औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 की धारा 18 का उल्लंघन हुआ है।












