सीबीएसई ओएसएम विवाद पर राहुल गांधी ने पीएम पर बोला हमला
लोकवाहिनी, संवाददाता
नई दिल्ली। सीबीएसई और सीओईएमपीटी के बीच कथित मिलीभगत का खुलासा करने वाले छात्र सार्थक सिद्धांत और उनके साथी निसर्गा अधिकारी की कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को सराहना की और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि युवा रील बनाते रहें और पकौड़े तलते रहें, लेकिन इन दोनों युवाओं ने सवाल पूछे और उनके जवाब भी खोजे। राहुल गांधी ने अपने एक्स अकाउंट पर पिछले सप्ताह सार्थक सिद्धांत के साथ हुई मुलाकात का एक वीडियो भी साझा किया। सार्थक सिद्धांत सीबीएसई की ऑनस्क्रीन मार्किंग सिस्टम (ओएसएम) से प्रभावित 18 वर्षीय छात्र हैं, जिन्होंने कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा में ओएसएम के लिए विक्रेता चयन की निविदा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की ओर ध्यान दिलाया है।
वीडियो के साथ हिंदी में लिखे अपने पोस्ट में गांधी ने कहा, सार्थक 18 साल के हैं, फिर भी, सोच, साहस और सिद्धांतों के मामले में उनका कोई मुकाबला नहीं है। उन्होंने और उनके सहयोगी निसर्गा ने वह कर दिखाया जो देश के प्रमुख मीडिया घराने और खोजी पत्रकार नहीं कर सके। उन्होंने सीबीएसई और सीओईएमपीटी के बीच मिलीभगत को राष्ट्र के सामने उजागर किया। राहुल गांधी ने कहा कि 18 साल के एक छात्र ने अपनी समझ और मेहनत से ऐसा काम किया है, जो जांच एजेंसियों से भी बेहतर माना जा सकता है। उनके अनुसार, यह युवाओं की जीत है और सरकार की नाकामी को दिखाती है। उन्होंने कहा, मोदी जी चाहते हैं कि हमारे युवा बिना सवाल पूछे या आंखें खोले रील बनाते और पकौड़े तलते रहें। लेकिन इन युवकों ने सवाल पूछे और उन्हें जवाब भी मिल गए।












