किसानों के लिए उर्वरक संकट और लिंकिंग पर सवाल
महंगाई और राजनीतिक बयानबाजी से गरमाया माहौल
नागपुर में पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने राज्य में बढ़ते नशे के मामलों, कृषि संकट और महंगाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में नशीले पदार्थों से जुड़ी घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। गोरेगांव नेस्को और वरली के संगीत कार्यक्रमों में नशे के कारण युवाओं की मृत्यु की घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ‘ड्रग्स के प्रति शून्य सहनशीलता’ नीति को और प्रभावी तरीके से लागू करने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब ताड़देव पुलिस ने कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी थी, तो बाद में अनुमति कैसे दी गई।
देशमुख ने किसानों के मुद्दों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बुवाई के समय किसानों को यूरिया और मिश्रित उर्वरक उपलब्ध नहीं हो रहे हैं, जिससे कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि उर्वरक आपूर्ति तुरंत सुनिश्चित की जाए और ‘लिंकिंग’ की समस्या पर सख्त कार्रवाई हो।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कंपनियाँ उर्वरक बिक्री में लिंकिंग कर रही हैं, जिससे किसानों पर अनावश्यक दबाव पड़ रहा है। इसके अलावा घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने पेट्रोल, डीजल और गैस के दाम कम करने की मांग की।
राजनीतिक मुद्दों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि शरद पवार और दिलीप वळसे पाटील की मुलाकात में कोई आपत्ति नहीं है और यह केवल संस्थागत कार्यों से जुड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों दलों के एक होने की कोई संभावना नहीं है।












