शहर में सेवा ठप्प, उल्टे पैर लौटे नागरिक
लोकवाहिनी, संवाददाता
नागपुर। आरटीओ के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को सातवें दिन भी जारी रही और नागपुर में कामकाज पर इसका भारी असर पड़ा है। वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन हस्तांतरण, विभिन्न परमिट, कर संबंधी कार्य और कई अन्य सेवाएं बाधित हो रही हैं, जिससे नागरिकों को भारी असुविधा हो रही है। नागपुर शहर आरटीओ, पूर्वी नागपुर उप-क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय और नागपुर ग्रामीण कार्यालय के कर्मचारी सोमवार को कार्यालय के प्रवेश द्वार पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान सरकार के खिलाफ जोरदार नारे लगाए गए।
सोमवार को नागपुर में कर्मचारियों ने कार्यालय के प्रवेश द्वार पर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और अपनी लंबित मांगों को तत्काल मंजूरी देने की मांग की। नागपुर मोटर वाहन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मंगेश कडू, प्रशासनिक अधिकारी प्रशांत रामटेके, गजानन राठौड़, अतुल धाकरे, रजनी नेवारे और ओम बंद्रे सहित बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने इस प्रदर्शन में भाग लिया। मोटर वाहन विभाग कर्मचारी संघ ने 9 जून को राज्यव्यापी प्रतीकात्मक हड़ताल का आह्वान किया था। इसके बाद, प्रशासन द्वारा मांगों पर कोई ठोस निर्णय न लिए जाने के कारण 16 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई। सात दिन बीत जाने के बाद भी कोई समाधान न निकलने पर कर्मचारियों ने आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है।
अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण शहर के आरटीओ कार्यालय में दैनिक कामकाज लगभग ठप्प हो गए है। वाहन पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण, नए लाइसेंस, वाहन स्वामित्व का हस्तांतरण, फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट, कर संबंधी कार्य और कई अन्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। कार्यालय में काम के लिए आने वाले नागरिकों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है और काम न होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। वाहनों की खरीद-बिक्री के लंबित लेनदेन, नए वाहनों का पंजीकरण, लाइसेंस का नवीनीकरण, वाणिज्यिक वाहनों से संबंधित कार्य और विभिन्न प्रमाणपत्रों से आम नागरिकों के साथ-साथ चालक, ट्रांसपोर्टर और व्यापारी भी प्रभावित हो रहे हैं। कई लोगों ने वैकल्पिक व्यवस्था करने के प्रशासन के दावे पर सवाल उठाए हैं। कर्मचारी संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। प्रशासन को जल्द से जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए, अन्यथा आंदोलन को और तीव्र करने की चेतावनी दी गई है। इसलिए, शहर में आरटीओ सेवाएं कुछ और दिनों तक बाधित रहने की संभावना है।












