मसौदा तैयार करने पर काम जारी : मंत्री कदम
लोकवाहिनी, संवाददाता
मुंबई। महाराष्ट्र की महायुति सरकार राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने को लेकर 100 प्रतिशत सकारात्मक है और उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित समिति इसका मसौदा तैयार कर रही है। राज्य के मंत्री योगेश कदम ने मंगलवार को विधानसभा में यह जानकारी दी। वह भाजपा विधायक देवयानी फरांदे द्वारा मुस्लिम महिलाओं की तीन तलाक से जुड़ी समस्याओं पर लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे। फरांदे ने दावा किया कि पिछले डेढ़ महीने में तीन मुस्लिम महिलाएं मदद के लिए उनके पास आई थीं। इस मुद्दे पर सदन में जोरदार हंगामा और कई बार व्यवधान देखने को मिला। तीन तलाक और बहुविवाह जैसे विषयों पर सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई। फरांदे ने कहा, पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज किए, लेकिन पीड़ित महिलाओं को अभी तक पूरा न्याय नहीं मिला है।
एक महिला को अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई, जबकि दूसरी महिला के पति ने उस पर हमला करने की कोशिश की। गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने कहा कि महायुति सरकार यूसीसी विधेयक लागू करने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, समान नागरिक संहिता विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति पहले ही गठित की जा चुकी है। समिति इस पर काम कर रही है। उत्तराखंड में लागू कानून का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, उत्तराखंड में पारित समान नागरिक संहिता कानून ने बहुविवाह पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है और इसके उल्लंघन पर सात वर्ष तक की सजा का प्रावधान किया गया है। फरांदे द्वारा उठाए गए मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि तीन तलाक से संबंधित शिकायतें केवल नासिक तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र से सामने आई हैं। उन्होंने बताया, वर्ष 2024 में प्राप्त ऐसी 42 शिकायतें सही पाई गईं। 137 आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई, जबकि 2025 में अब तक 95 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की विधायक सना मलिक ने कहा महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों को केवल धर्म के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसी घटनाएं केवल मुस्लिम महिलाओं के साथ ही होती हैं।
यूसीसी का विरोध करने वालों को पाकिस्तान चले जाना चाहिए – नीतेश राणे
मंत्री नीतेश राणे ने कहा कि यूसीसी का विरोध करने वालों को पाकिस्तान चले जाना चाहिए। उन्होंने यूसीसी और तीन तलाक के मुद्दे पर विपक्ष की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार तीन तलाक पर पहले ही फैसला ले चुकी है, लेकिन विधानसभा में बैठे कुछ लोग कुरान और मुस्लिम धर्मग्रंथों के आधार पर यूसीसी का विरोध कर रहे हैं। संविधान में स्पष्ट रूप से यूसीसी का उल्लेख है। हालांकि, कुछ लोग संविधान की भाषा का इस्तेमाल केवल अपने अवैध कार्यों को सही ठहराने के लिए करते हैं। राणे ने यह भी आरोप लगाया कि यही लोग धर्म से जुड़े मुद्दों पर संविधान की अनदेखी कर रहे हैं। नितेश राणे ने कहा कि अगर देश के कानून और संविधान स्वीकार्य नहीं हैं, तो ऐसे लोगों को अपने पदों से इस्तीफा देकर पाकिस्तान चले जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग लगातार हिंदू धर्म के खिलाफ बयान देते हैं, उन्हें भारत में रहने का कोई अधिकार नहीं है, उन्हें भी पाकिस्तान चले जाना चाहिए।












